आगरालीक्स…आगरा में आजादी के 12 साल बाद नगर महापालिका बनी। एक साल को चुने जाते थे नगर प्रमुख।16 साल प्रशासक के हवाले रहा शहर। नगर निगम बनते ही पौ-बारह…
नगर प्रमुख का कार्यकाल एक साल का

आगरा का म्युनिसिपलिटी दफ्तर मोतीगंज से एमजी रोड आने से एक साल पहले 1959 में ही आगरा नगर महापालिका का गठन हो गया। पहले नगर प्रमुख चुने जाते थे और नगर प्रमुख का कार्यकाल एक वर्ष का कार्यकाल होता था।
नगर महापालिका के नगर प्रमुख
1959-60 शंभुनाथ चतुर्वेदी
1960-61 कुंज बिहारी
1961-62 बंश कुमार मेहरा
1962-63 डा. राम चंद्र गुप्ता
1963 से 70 कल्यान दास जैन
1970-71 रामबाबू वर्मा
1971 से 73 कुंज बिहारी

महापालिका पर 16 साल प्रशासक का रहा राज, आपातकाल भी इसी दौरान गुजरा
वर्ष 1973 में अंतिम नगर प्रमुख कुंज बिहारी चुने गए। इसके बाद 16 वर्ष तक चुनाव नहीं हुए। इस दौरान जनता की सरकार की जगह प्रशासक ने शहर को चलाया। इसी दौरान तत्तकालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल को भी झेला।
नगर निगम बनने के दौरान क्षेत्रीय दल उभरे
वर्ष 1989 में कांग्रेस की जगह विपक्षी दल के साथ क्षेत्रीय दल भी तेजी से उभरे और इसी साल पहली बार मेयर के चुनाव हुए और कार्यकाल पांच वर्ष का हो गया।
अधिकार बढ़ने के साथ विकास में आई तेजी
इसके बाद से आगरा में मेयर चुने जाने लगे। मेयर के साथ पार्षदों के अधिकारों में बढ़ोत्तरी हुई। स्वायत्तशासी संस्था होने के कारण अपने बलबूते पर खर्चे किए जाने लगे।नगर के विकास में भी योगदान तेज हो गया।।
नगर निगम के गठन के बाद बने मेयर
1989- रमेशकांत लवानिया
1995- बेबीरानी मौर्य
2000-किशोरी लाल माहौर
2006-अंजुला सिंह माहौर
2012-इंद्रजीत आर्य
2017 नवीन जैन