नईदिल्लीलीक्स…संगीत की दुनिया के सबसे बड़े ग्रैमी अवॉर्ड्स एक भारतीय को मिला। उन्होंने अवॉर्ड्स तीसरी बार हासिल किया है। साथ ही इसे भारत को समर्पित किया है।
लॉस एजेंलेस में दिया गया अवॉर्ड्स

लॉस एजेंलेस में आयोजित कार्यक्रम में बेंगलुरु के कंपोज़र, रिकी केज ने तीसरा ग्रैमी अवॉर्ड दिया गया।
‘डिवाइन टाइड्स‘ एलबम के लिए मिला
रिकी केज को ‘डिवाइन टाइड्स’ एलबम के लिए ये अवॉर्ड मिला । रिकी ने ये अवॉर्ड यूएस म्यूज़िशियन स्टिवर्ट कोपलैंड के साथ शेयर किया। ‘डिवाइन टाइड्स’ को सर्वश्रेष्ठ इमर्सिव ऑडियो एलबम कैटेगरी में नोमिनेट किया था।
‘डिवाइन टाइड्स‘ में 9 गाने और 8 वीडियोज़
रिकी के एल्बम ‘डिवाइन टाइड्स’ में 9 गाने और 8 वीडियोज़ हैं। इसमें दुनियाभर के कलाकार हैं। हिमालय से लेकर स्पेन के जंगलों तक, इनमें दुनिया के कई ख़ूबसूरत स्थल दिए गए हैं।
रिकी केज पहले दो ग्रैमी अवॉर्ड जीत चुके हैं
बेंगलुरु के कंपोज़र, रिकी केज का तीसरा ग्रैमी अवॉर्ड है, जिसे जीतकर देश का मान बढ़ाया है। इससे पहले 2015 में और 2022 में भी रिकी केज ने ग्रैमी जीता था।
बेंगलुरू में रह रहे हैं
रिकी केज का जन्म नॉर्थ कौरोलाइना में हुआ लेकिन 8 साल की उम्र से वे बेंगलुरू में रह रहे हैं। उन्होंने बिशप कॉटन स्कूल, बेंगलुरू से स्कूली शिक्षा प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने ऑक्सफ़ोर्ड डेंटल कॉलेज से डिग्री हासिल की।
यह हैं उनके प्रेरणास्रोत
उस्ताद नुसरत फतेह अली खान, पंडित रवि शंकर और पीटर गैब्रियल उनके प्रेरणास्रोत हैं. उन्होंने 3000 से ज़्यादा कन्नड़ फ़िल्मों के लिए जिन्गल्स बनाये हैं. केज को 20 देशों में 100 से ज़्यादा पुरस्कार मिल चुके हैं।