
नयति मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल की इंटरनल मेडिसिन की हेड डाॅ. ज्योति गोयल ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की थीम बीट द डायबिटीज के लिए हॉस्पिटल आगे आया है। वैसे भी भारत डायबिटीज की कैपिटल बनने जा रहा है, आराम तलब जिंदगी और तनाव के चलते बुजुर्ग ही नहीं, युवा भी डायबिटीज के शिकार हो रहे हैं। यह बीमारी तेजी से शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में फैल रही है। इसके लिए जरूरी है कि लोगों को मधुमेह के बारे में सही जानकारी हो, वे जान सकें कि इससे कैसे बचा जा सकता है और मधुमेह हो जाने पर दवाओं के साथ जीवनशैली में बदलाव कर बेहतर जिंदगी जी सकते हैं।
नयति हेल्थकेयर की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा, ’’भारत में जीवनशैली से जुडी बीमारियां जैसे हाइपरटेंशन, दिल का दौरा, मोटापा और डायबिटीज़ काफी तेज़ी से फैल रही हैैं। इसमें भी डायबिटीज तेजी से बढ रही है और महामारी का रूप लेती जा रही है। ऐसे में मिलकर कदम उठाने की जरूरत है। इसके लिए नयति हॉस्पिटल में स्पेशल डायबिटिक क्लीनिक खोलने की कवायद चल रही है। जहां मधुमेह रोगियों का संपूर्ण इलाज एक छत के नीचे विशेषज्ञ चिकित्सक करेंगे। वहीं, डायबिटीज़ के लिए फ्री हेल्थ चेकअप और कुछ जांचोंत्र पर विषेश छूट दे रहे हैं।
घातक है मधुमेह
इस बीमारी की सबसे अधिक मार निम्न एवं मध्य आय वाले देषों पर पड़ रही है। सभी डायबिटीज़ के मामलों में से करीब 90 फीसदी मामले टाइप 2 डायबिटीज़ के होते हैं और उनकी सबसे बड़ी वजह शरीर का अत्यधिक वज़न और शारीरिक गतिविधि नहीं करना है। टाइप 2 डायबिटीज़ को रोकना संभव है और अगर इसका जल्दी पता लग जाए तो इसका इलाज भी मुमकिन है। लेकिन सही ढंग से इसका इलाज नहीं करने की स्थिति में यह बीमारी षरीर के प्रत्येक प्रमुख अंग को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे दिल का दौरा, स्ट्रोक, अंधापन, गुर्दे और नसें भी खराब हो सकती हैं।
नयति हेल्थकेयर एंड रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड
भारत का ऐसा पहला मल्टी सुपर-स्पेशलिटी हेल्थकेयर ग्रुप है, जो देश के टियर 2 और टियर 3 शहरों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं दे रहा है। यहां मरीजों के लिए अत्याधुनिक मेडिकल टैक्नोलाॅजी और उन्नत उपचार सुविधाओं दी जा रही हैं, जिससे मरीजों को सस्ती दर पर बेहतर इलाज मिल सके।
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