आगरालीक्स- अनलॉक-5 लाइन की गाइड लाइन आज जारी होगी। सिनेमा हॉल, स्कूल-कॉलेज को लेकर निर्णय लिया जाएगा। देश-दुनिया की खबरें।
संक्रमित 62 लाख के पार
देश में कोरोना का कहर थम नहीं रहा, अब 62 लाख से ज्यादा लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं, जबकि मरने वालों की संख्या 97 हजार से ज्यादा हो गई है। बीते 24 घंटों में 80, 472 नए संक्रमित सामने आए हैं, जबकि 1147 मरीजों की मौत हो चुकी है। देश में इस वक्त 9,40,441 मामले एक्टिव स्टेज में हैं। अब तक 51,87, 825 मरीजों को कोरोना माहमारी को मात देने में सफल रहे हैं। सितंबर माह में कोरोना का कहर सबसे ज्यादा टूटा। इस समय देश में रिकवरी रेट 83.33 फीसदी पर पहुंच गया है, जबकि मृत्यु दर 1.57 फीसदी बनी हुई है।
एक और वायरस का खतरा
कोरोना वायरस की मार से अभी दुनिया जूझ ही रही है कि अब एक और वायरस का खतरा मंडराने लगा है। केटक्यू वायरस (सीसीक्यूवी) चीन में तेजी से फैल रहा है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने इसे लेकर चेतावनी भी जारी की है कि यह वायरस भारत में भी फैल सकता है। कैट क्यू वायरस आर्थोपोड जनित विषाणु की श्रेणी में आता है, जो सूअर और क्यूलेम्स मच्छरों में पाया जाता है। फिलहाल यह वायरस चीन और वियतनाम में ज्यादा पाया जाता है । आईसीएमआर का कहना है कि यह वायरस भारत में आसनी से फैल सकता है। यह वायरस तेजी से संक्रमित होता है, जिससे तेज बुखार और दिमागी बुखार हो सकता है।
महाकुंभ की तैयारी
वर्ष 2025-25 में प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ के लिए मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कार्ययोजना बनाकर तैयारी शुरू करने का अधिकारियों को आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि आगामी जनवरी में कार्ययोजना तैयार कर शासन को सौंपी जाए। मुख्यमंत्री ने प्रयागराज मंडल के विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए आगामी 2020-25 में होने वाले महाकुंभ को ध्यान में रखकर कार्ययोजना तैयार की जाए। सीएम ने आगामी जनवरी महीने में शुरू होने वाले माघ मेले के लिए भी तैयारी करने का अधिकारियों को निर्देश दिया।
लुफ्थांसा की उड़ाने बंद
जर्मनी के एयरलाइन कंपनी लुफ्थांसा ने आज से आगामी दस अक्टूबर तक भारत और जर्मनी के बीच अपनी उड़ानों को रद्द कर दिया है। लुफ्थांसा के प्रवक्ता के अनुसार भारत के अधिकारियों ने एक अक्टूबर से शैड्यूल उड़ानों को बंद कर दिया था, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। जर्मन एयर लाइंस और डीजीसीए के बीच विवाद चल रहा है। जर्मन ने सितंबर के अंत तक विशेष उड़ानों की अनुमित मांगी थी लेकिन सरकार ने अनुमति नहीं दी। इसलिए लुफ्थांसा को अपनी उड़ाने रद्द करनी पड़ीं।