आगरालीक्स…(22 July Agra News)। आॅनलाइन क्लासेज से पांच साल के बच्चों को परेशानियां बढ़ गई हैं। कानों में दिक्कत होने लगी है। ऐसे में ईएनटी डॉक्टरों…
आगरालीक्स…। आॅनलाइन क्लासेज से पांच साल के बच्चों को परेशानियां बढ़ गई हैं। कानों में दिक्कत होने लगी है। ऐसे में ईएनटी डॉक्टरों…
साल 2020 मार्च में जब कोरोना आया तो आॅनलाइन क्लासेज की शुरुआत हुई। ऐसे में बच्चों और शिक्षकों दोनों के लिए यह नया था। इसके कुछ महीने बाद से ही अधिकांश बच्चों को आंख, कान की समस्या होने लगी। माता—पिता परेशान हो गए। क्या करें। डॉक्टरों के पास लाइन लग गई। अभी हाल ही में कई बड़े स्कूलों में अभी हाल में ही आॅनलाइन क्लास शुरू हुई है। पांच साल तक के बच्चे कानों में लीड लगाकर टीचरों को सुन रहे हैं। करीब ढाई घंटे तक क्लास चलती है। इसके बीच में जो दस मिनट का गैप होता है, उसमें बच्चे कार्टून देखने लग जाते हैं। लगातार कान में लीड लगाए रहने से बच्चों के कानों में दर्द हो रहा है। यह समस्या पांच साल तक के छोटे बच्चों में ज्यादा आ रही है। दर्द के कारण वे पढ़ाई नहीं कर रहे हैं। ऐसे में वे डॉक्टरों के पास पहुंचने लगे हैं। ईएनटी विशेषज्ञ डॉक्टर आलोक मित्तल बताते हैं कि आॅनलाइन क्लासेज ले रहे पांच साल तक के 20 प्रतिशत बच्चों को परेशानी हो रही है। उनके पास रोज ऐसे माता—पिता आते हैं, जिनके बच्चों के कानों में दर्द है। अभी 15 दिन में ज्यादा केस बढ़े हैं।
कानों के पर्दे को पहुंचा नुकसान
डॉक्टर आलोक मित्तल ने बताया कि कई बच्चों के कानों को तो काफी नुकसान पहुंचा है। दर्द काफी तेज होता है। ज्यादा तेज आवाज में सुनने के कारण कान के पर्दे की क्षमता प्रभावित हो रही है। सुनना कम हो गया है। कानों में सरसराहट की आवाज होने लगी है। कई बच्चों ने उन्हें बताया कि कानों में कुछ गूंजता सा रहता है।

क्या करें
डॉक्टर आलोक मित्तल के अनुसार, अगर बच्चा मोबाइल पर आॅनलाइन क्लास ले रहा है तो कानों में लीड न लगाएं। मोबाइल का स्पीकर आॅन रखें। बच्चे को लीड न दें। अगर घर पर छोटे स्पीकर हैं तो मोबाइल को उससे कनेक्ट करें। इसके अलावा लैपटॉप पर भी यही प्रक्रिया अपनाएं। अगर बीच में गैप या इंटरवेल होता है तो मोबाइल को बंद कर दें। बच्चे का ध्यान वहां से हटाएं।
खुद न बनें डॉक्टर
डॉक्टर आलोक मित्तल ने बताया कि कई माता—पिता ऐेसे थे, जब बच्चों ने उनसे कान में दर्द की शिकायत की तो उन्होंने घर पर ही उपाय कर लिया। कान में सरसों का तेल डाल दिया। कुछ ड्रॉप डाल दी। इससे बच्चे में शिकायत और बढ़ गई। उन्होंने बताया कि अगर कान में ज्यादा दर्द है तो खुद विशेषज्ञ न बनें। तत्काल ही बच्चों को चिकित्सक को दिखाएं।