आगरालीक्स…(18 November 2021 Agra News) आगरा में पांडुकशिला पर बालक आदि कुमार का 1008 कलशों से हुआ जलाभिषेक. धूमधाम से निकाली गई बालक आदि कुमार की शोभायात्रा, ऐरावत हाथी पर विराजमन होकर निकले सौधर्म इंद्र
जयकारों से गूंजा पांडाल
प्रातः आदि कुमार के जन्म के साथ ही पूरा पंडाल जयकारों से गूंजने लगा। सौधर्म इंद्र की रानी शचि माता इंद्राणी ने माता मरु देवी के ग्रभर्ग्रह से बालक आदि कुमार को लेकर आईं तो उनके स्वागत में सभस्त श्रद्धालु शीश नभाकर खड़े हो गए। सौधर्म इंद्र को सौंपने के बाद एरावत हाथी पर बैठकर तीन परिक्रमा लगाईं और दलबल के साथ पांडुक शिला की ओर चल पड़े। ओल्ड ईदगाह कालोनी स्थित श्री 1008 श्रीमज्जिनेन्द्र जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ में आज जन्म कल्याणक क्रिया सम्पन्न हुई। जिसके तहत भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया।

यहां से निकली शोभायात्रा
ओल्ड ईदगाह कालोनी स्थित मंदिर से प्रारम्भ होकर शोभायात्रा छीपीटोला, बालूगंज, चीलगढ़ होती हुई कार्यक्रम स्थल पर पहुंती। जहां ऐरावत हाथी पर विराजमान सौधर्म इंग्र व इंद्राणी के स्वरूप आलोक जैन व पायल जैन बालक आदि कुमार को पांडुकशिला पर लेकर 1008 कलश से जलाभिषेक किया गया। शोभायात्रा में 15 बग्गियों पर कुबेर, यज्ञ नायक, समस्त इंद्रों व 56 कुमारियों की झांकियां थीं। जगह-जगह शोभायात्रा का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से मुख्य संयोजक अमित जैन (रिंकू), सहसंयोजक अनिल जैन, अमित जैन, रविन्द्र जैन, बॉबी जैन, मुकेश जैन, प्रांशु जैन, गिरिशचंद, राकेश, राहुल, लवली, संजय जैन, पिंकी जैन, अनुज जैन, नेहा, मनीष जैन, अर्णिमा, योगेश कुमार, आयुष कुमार, अभिषेक जैन, मनीष, मनोज, अलका, मुकेश बबली, विवेक जैन, दीपा, दीपक जैन, भावना, अतुल कुमार, रेनू, राकेश, ममता, सुभाष शशि, संजय, ममता, रत्नेश, सविता आदि उपस्थित थे।

जैन धर्म का अनुसरण करें तो नहीं होगी रक्षा बजट की जरूरत
केन्द्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने जन्मकल्याणक का हिस्सा बनते हुए श्रद्धालुओं से कहा कि यदि समस्य विश्व जैन धर्म के अनुसरण करें तो रक्षा बजट की आवश्यकता ही नहीं होगी। जहां जीव जन्तों से भी प्रेम का संदेश दिया जाता।
विश्व की मंगलकामना के साथ किया आदि कुमार का जन्म कल्याणक
मुनिश्री 108 वीर सागर ने कहा जन्म कल्याणक मंगलकामना के साथ मनाएं, विश्व कल्याण और अपने मन की कामनाओं को पूर्ण करने की पवित्र भावना के साथ मनाएंगे तो आपकी इच्छाएं अवश्य पूर्ण होंगी। उन्होंने जन्म कल्याणक पर प्रकाश डाला। बालक आदिकुमार की जन्मकथा व बालक्रिड़ाओं का वर्णन किया। ऐसा व्यक्तिव की गर्भ में आने से पहले कुबेर जी ने स्वर्ण नगरी अयोध्या की रचना कर दी। रत्नों की बारिश होने लगी। 6 माह पहले ही स्वर्ग से देवियां आ गईं मां की सेवा करने के ले।

मुनिश्री 108 धवल सागर ने प्रवचन के दौरान कहा कि संत न सही सज्जन तो बनाने का प्रयास करें अपने बच्चों को। सिर्फ स्टेन्डर्ड मैन्टेन करने के लिए नहीं बल्कि शिक्षा का उद्देश्य संस्कार भी होना चाहिए। टीचर नहीं शिक्षा तो गुरु ही दे सकता है। हमारी पूरी शिक्षा पद्धति को मिटा दिया गया है। बच्चों की गलती नहीं, माता पिता की बच्चों के दुश्मन बने बैठें हैं। खिलौने के रूप में बच्चों के हाथों में मोबाइल थमा रखा है। ऐसे माता-पिता अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मार रहे हैं। विदेशी संस्कारों के पीछे दौड़ रहे हैं। विदेश जाकर पैसा तो आ जाएगा, मनुष्य जीवन को सार्थक करने के लिए संतों की भूमि भारत ही है। संचालन प्रदीव भैया ने किया।
कल उप्र तो आज पका राजस्थान का भोजन
पंचकल्याण प्रतिष्ठा महोत्सव में उप्र सहित नौ प्रांतो से आए लगभग तीन हजार श्रद्धालुओं के भोजन की व्यवस्था छीपीटोला जैन सांयकालीन मैत्री समूह द्वारा सम्भाली जा रही है। जिसके तहत प्रतिदिन श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न प्रांतों का नाश्ता व भोजन तैयार किया जा रहा है। मनोज जैन ने बताया कि लगभग नौ प्रांतों के श्रद्धालु महोत्सव में भाग ले रहे हैं। सभी प्रांतों के श्रद्धालुओं को अपना प्रांत का पसंदीदा व्यंजन मिल सके, इसी उद्देश्य के साथ प्रतिदिन अलग-अलग प्रांतों का भोजन पकाया जा रहा है।