आगरालीक्स…(17 November 2021 Agra News) गर्भपात कराने में पढ़े—लिखे लोगों की संख्या ज्यादा है. इसके कारण बुआ, ताऊ, चाचा जैसे कई रिश्ते धीरे—धीरे गायब होते जा रहे हैं. आगरा में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में हुआ गर्भकल्याणक…
ओल्ड ईदगाह कालोनी में आयोजित हुआ महोत्सव
गर्भपात जघन्य अपराध है, जिसे पढ़े लिखे लोग ज्यादा कर रहे हैं। गर्भकल्यामक क्रिया में शामिल होगा तभी सार्थक हो सकता है, जब आप गर्भपात न कराने का संकल्प लें। गर्भपात ने समाज से बुआ, ताऊ, चाचा जैसे कई रिश्तों का गायब कर दिया है। संतान नहीं चाहिए तो संयम और ब्रह्मचर्य का मार्ग अपनाएं। गर्भपात जैसा पाप न करें। जन्म से पहले किसी जीव को मृत्यु देने का अधिकार आपको किसने दिया। मां में इतनी क्रूरता आखिर कैसे आई। ओल्ड ईदगाह कालोनी स्थित श्री 1008 श्रीमज्जिनेन्द्र जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ में प्रवचन देते हुए मुनिश्री विशाल सागर जी महाराज ने यह बात कही।
मुनिश्री ने दिलाया गर्भपात न करने का संकल्प
कहा कि गर्भपात न कराना है न ही इसके लिए किसी को सलाह देनी चाहिए। अकबर के समय 40 करोड़ जैन थे। बाद में 4 करोड़ के बाद अब मात्र 40 लाख रह गए। गर्भपात के पाप को नहीं रोका तो पारसी समाज की श्रेणी में आ जाओगे। चाइना ने एक संतान की योजना चलाई। अब उन्हें चिन्ता है बुजुर्ग ज्यादा युवा कम हैं। चीन को भी अपनी योजना बदलनी पड़ी। रिश्ते गायब हो रहे हैं। एक संतान देश, एक मुनि बनने के लिए, एक स्वयं के लिए, एक समाज के लिए होनी चाहिए। हाथ उठाकर संकल्प दिलाया कि कभी यह जघन्य अपराध नहीं करेंगे। इसके उपरान्त उन्होंने आदिनाथ की जन्म कथा सुनाई। मुनिश्री 108 वीरसागर जी व मुनिश्री 108 धवलसागर जी ने भी प्रवचन कहे। संचालन प्रदीप भैया ने किया।
बैंडबाजों संग विराजे श्रीजी, पंचकल्याणक क्रियाओं के बाद मंदिर में होंगे स्थापित
बैंड बाजों संग आज श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ओल्ड ईदगाह से श्रीजी की चांदी की प्रतिमा को पंडाल में लाया गया। जहां स्थापित करने के बाद प्रथम दिन की पंचकल्याणक क्रियें सम्पन्न हुई। 21 नवम्बर को पंचल्याणक महोत्सव सम्पन्न होने (पाषाण से भगवान बनने की क्रियाएं) पर मंदिर में स्थापित किया जाएगा।
प्रातः गर्भकल्याणक और संध्या में हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम
आगरा। श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर कमेटी द्वारा आयोजित पंचकल्याणक महोत्सव में आज प्रातः गर्भकल्याणक (उत्तर रूप) क्रिया सम्पन्न हुई। रक्षामंत्र शांति मंत्र के बाद गर्भकल्याणक पूजन व हवन किया गया। महिला श्रद्धालुओं ने मंगल गीत गाकर व मेवाओं से माता मरुदेवी की स्वरूप शारदा देवी की गोद भाई की। संध्या काल में महाराज नाभिराय का राज दरबार, माता मरुदेवी का आगमन, 16 स्वप्न का फलादेश, गीत नृत्य व छप्पनकुमारियों द्वारा भेंट समर्पण का मनमोहक नाट्य मचंन किया गया।
इनकी रही विशेष उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य रूप से मुख्य संयोजक अमित जैन (रिंकू), सहसंयोजक अनिल जैन, अमित जैन, पुनीत जैन, अभय, अनिल, चंद्रदीप, मुरारीलाल, दिलीप, राकेश, रविन्द्र, मुकेश, प्रदीप, विराट, अजय आदि उपस्थित थे।