
इसके लिए शनिवार को अमर में यूपी ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन व आगरा ऑथोपेडिक एसोसिएशन द्वारा कार्यशाला का आयोजन किया गया।
रेल रॉड फिक्सेटर के विशेषज्ञ डॉ. मंगल परिहार, मुंबई ने बताया कि सड़क दुर्घटना में पैर की हड्डी में गैप आ जाता है। इसके लिए पहले ¨रग लगाकर इलाज किया जाता था। मगर अब रेल रॉड फिक्सेटर से हड्डी के गैप को पूरा कर दिया जाता है। इसके लिए आर्टीफिशियल फ्रैक्चर किया जाता है। इसके बाद रेल रॉड फिक्सेटर लगाया जाता है। इससे एक मिलीमीटर रोज हड्डी बढ़ने लगती है। इस तरह हड्डी के गैप को पूरा कर दिया जाता है। आगरा ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. डीवी शर्मा ने बताया कि हड्डी संबंधी बीमारियों के इलाज में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। अस्थि रोग विशेषज्ञों को अत्याधुनिक तकनीकी से रूबरू कराने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान यूपी ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के डॉ. अशोक विज, डॉ. अतुल श्रीवास्तव, डॉ. एके गुप्ता, डॉ. केपी श्रीवास्तव, डॉ. केके प्रूथी, डॉ. संजय धवन, डॉ. एके गुप्ता, डॉ. सीपी पाल, डॉ. अश्वनी सडाना आदि मौजूद रहे।
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