आगरालीक्स ….अप्रैल महीने से बहुत सारे ग्रह गोचर राशि परिवर्तन, प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे किसी के जीवन में आएगी खुशहाली किसी को करना पड़ेगा कष्टों का सामना.
2 अप्रैल से विक्रम संवत 2079 के साथ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा शनिवार को रेवती नक्षत्र व रवियोग में होगा।
चैत्र नवरात्रि का आरंभ भी इसी दिन से होता है। मान्यता अनुसार इसी दिन सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी ने अपनी इस अद्भुत कृति को पूर्णता प्रदान की थी।

विक्रम संवत 2079 में नव संवत्सर के राजा शनि और मंत्री बृहस्पति रहेंगे।
इस ज्योतिषीय स्थिति के अनुसार यह वर्ष बेहद लाभकारी सिद्ध होने वाला है। शनि को न्याय के देवता का दर्जा दिया गया है, वही बृहस्पति देव शुभता और सात्विकता के प्रतीक हैं। ये एक सकारात्मक संकेत है जिसका लाभ प्राणी जगत को मिलेगा।
सभी ग्रह बदलेंगे राशि-:
इस वर्ष अप्रैल माह में सभी 9 ग्रह अपनी राशियाँ बदलने जा रहे हैं, यह स्थिति भी नव संवत्सर को बेहद खास बनाती है। सबसे पहला गोचर होगा सेनापति मंगल का जो 7 अप्रैल को राशि परिवर्तित करेंगे, इसके बाद 8 अप्रैल को बुध राशि बदलेंगे, 12 अप्रैल को राहु-केतु, 13 अप्रैल को देव गुरु वृहस्पति देव, 14 अप्रैल को सूर्य, 27 अप्रैल को शुक्र और 29 अप्रैल को शनि राशि परिवर्तन करेंगे।
नवरात्रि में यह शुभ संयोग/मुहूर्त-:
अमृत सिद्धि योग- 2 अप्रैल को नवरात्रि की शुरुआत शनिवार के दिन रोहिणी नक्षत्र होने के कारण अमृत सिद्धि योग कहा जाएगा।
रवि योग-: नवरात्रि में रवियोग 4,6 और 10 अप्रैल को बन रहा है।
सर्वार्थ सिद्धि योग-: इस साल चैत्र नवरात्रि के पूरे नौ दिनों में से छह दिन यह शुभ योग बन रहा है। नवरात्रि की शुरुआत वाले दिन के अलावा 3, 5, 6, 9 और 10 अप्रैल को भी सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है।
रवि पुष्य योग-: नवरात्रि में यह योग 10 अप्रैल को बन रहा है। इस दिन चैत्र नवरात्रि की नवमी तिथि है अतः इस दिन मां दुर्गा की दुर्गा की पूजा करने से विशेष फलों की प्राप्ति होगी।
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परमपूज्य गुरुदेव पंडित हृदयरंजन शर्मा अध्यक्ष श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार पुरानी कोतवाली सर्राफा बाजार अलीगढ़ यूपी व्हाट्सएप नंबर.9756402981,7500048250