
शनिवार से शुरू हुई बारिश रविवार शाम को बंद हुई। इस दौरान रिकॉर्ड 136 एमएम बारिश दर्ज की गई है। वहीं, हर साल जुलाई में 200 एमएम बारिश रिकॉर्ड की जाती है, लेकिन 17 जुलाई तक 300 एमएम बारिश हो चुकी है।
एक बच्चे की मौत, दंपति घायल
खंदौली के सोरई में मकान ढह जाने से तीन बच्चे दब गए, इसमें से एक बच्चे की मौत हो गई। वहीं, सदर के नोलक्खा में मकान की दीवाल गिर गई, इसमें प्रमोद उनकी पत्नी कविता पांच वर्षीय बेटा करन सहित सात लोग दब गए। गंभीर हालत में इन्हें एसएन में भर्ती किया गया है। वहीं, कई गांवों में मकान ढह जाने से लोग घायल हुए हैं।
घरों में पानी, छत पर काटनी पडेगी रात
सदर क्षेत्र की मीरा बिहार कॉलोनी में पानी भर गया है, सैकडों घर डूब गए हैं। इसके चलते लोगों को छत पर रात गुजरानी पड रही है। कई घरों में दरार आ गई है। लगातार हो रही बारिश का कहर बरपने लगा है। खंदौली ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय सराय रुपा की दीवाल ढह गई। ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह दीवाल ढह गई है। घरों में पानी भरने पर लोग बाहर निकल आए हैं।
यमुना में बढा जलस्तर, झरना नाले में बाढ
बारिश से यमुना का जलस्तर भी बढने लगा है। वहीं यमुना पार क्षेत्र में झरना नाले में तेज बहाव के साथ पानी बढने से खेत जलमग्न हो गए हैं। इससे आस पास के खेतों में पानी भर गया है और पानी का बहाव तेज होता जा रहा है।
रेल यातायात बाधित
कैंट स्टेशन से 15 किमी दूरी पर दिल्ली मुम्बई ट्रैक धंस गया। सुबह 3.30 बजे जाजऊ (सैंया) स्टेशन से पहले के नीच गिट्टी सरकने से हुए इस हादसे की खबर मिलते ही रेलवे में हड़कंप मच गया। ट्रैक से थोड़ी देर पहले ही आगरा से ग्वालियर की ओर जाने वाली दादर एक्सप्रेस (11058) और ग्वालियर से आगरा की और वाली पातालकोट एक्सप्रेस गुजरी थी। खराब ट्रैक पर गुजरने से वे बाल-बाल बच गईं।
बारिश से रेल यातायात भी बाधित हुआ है, आगरा दिल्ली रूट पर कई जगह पर ट्रेनें खडी हुई हैं। वहीं, बारिश के चलते बसें भी जगह जगह पर फंसी हुई हैं। बारिश से सडकों पर जलभराव हो गया है, इससे निकलना मुश्किल है।
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