आगरालीक्स…(4 June 2021 Agra) आगरा में इस हाउसिंग सोसाइटी के लोग बोले—एडीए के अधिकारी दे रहे धमकी. कह रहे, बात नहीं मानी तो 30% पैसा वापस कर कर देंगे फ्लैट्स कैंसिल
ढाई गुना बढ़ा दिया मेंटेनेंस चार्ज
आगरा के फतेहाबाद रोड स्थित आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) की जानी मानी हाउसिंग सोसाइटी एडीए हाईट्स के निवासियों ने समस्याओं और एडीए अधिकारियों की नाकामियों और तानाशाही रवैये का आरोप लगाते हुए भारी विरोध प्रदर्शन किया. इसके साथ ही उन्होंने सरकार से एडीए के अधिकारियों के खिलाफ इस सोसाइटी के संबंध में सीबीआई जांच की मांग की है. सोसाइटी के लोगों का कहना है कि अभी हाल ही में यहां के मेंटेनेंस शुल्क में अचानक ढाई गुना बढ़ोतरी कर दी गई है, जबकि मेंटेनेंस की यह स्थिति है कि यहां का प्लास्टर लगातार झड़ कर नीचे गिर रहा है और कई बार लोग घायल भी हो चुके हैं. सोसाइटी में सीवेज की समस्या ने भी बुरी तरह से अपने पैर पसार लिए हैं और लगातार सीलन की दुर्गन्ध आती रहती है. बिना किसी सुविधा के मेंटेनेसं शुल्क में बढ़ोतरी की वजह से भी यहां के लोगों में गुस्सा है.
प्रदर्शन के दौरान लगाए बड़े आरोप कहा—सीबीआई जांच हो
शुक्रवार को सभी लोग सड़कों पर बैनर लेकर निकल आए और जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन किया. विरोध प्रदर्शन करने वालों में निखिल सिंघल, अभिषेक शर्मा, राजीव शर्मा, रेखा यादव, विजय लवानिया, सुनील भटनागर आदि लोग सीबीआई जांच की मांग के पोस्टर लेकर शामिल हुए. एडीए हाईट्स सोसाइटी के लोगों का कहना है कि एडीए की तानाशाही इस कदर बढ़ चुकी है कि मेंटेनेंस शुल्क बढ़ाने के लिए कोई मीटिंग नहीं की गई. न ही कोई सुझाव लिया गया. उनका कहना है कि कोरोना जैसी महामारी के समय में जब लोगों का बिजनेस ठप पड़ा है और कइयों की नौकरी जा चुकी है, ऐसे में मेंटेनेस शुल्क में बढ़ोतरी कहां का न्याय है.
हैंडोवर के लिए किया जा रहा मजबूर
सोसाइटी के लोगों ने आरोप लगाया कि एडीए अधिकारी यहां के लोगों को हैंडोवर लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं और उन्हें धमकी दे रहे हैं कि अगर उनकी बात नहीं मानी और हैंडोवर नहीं लिया या कहीं शिकायत करने की कोशिश की तो वे 30 प्रतिशत पैसा वापस करके सभी आवंटियों के फ्लैट्स तत्काल प्रभाव से कैंसिल कर देंगे. सोसाइटी के लोगों का कहना है कि इस विरोध प्रदर्शन के साथ ही हम लोग सीएम योगी आदित्यनाथ से भी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए गुहार लगाएंगे. यहां इतने घपले हो चुके हैं कि हमारी सरकार से मांग है कि यहां तुरंत सीबीआई जांच के आदेश जारी किए जाएं. सोसाइटी के अभी तक 40 प्रतिशत फ्लैट्स बिक ही नहीं पा रहे हैं और हैंडोवर के लिए कम से कम 80 से 85 प्रतिशत फ्लैट्स बिकने पर ही आरडब्ल्यू को सहूलियत होती है