आगरालीक्स …हरियाणा, पंजाब तो बेकार बदनाम है आओ कभी यूपी में रंगबाजी क्या होती है रील से ट्रोल आगरा की सिपाही को दोबारा नौकरी मिली पर 48 घंटे में चली गई, एक बाबू भी निलंबित। जानें
मूलरूप से कानपुर क रहने वाली प्रियंका मिश्रा की 2020 में सिपाही बनी और आगरा में 2021 में थाना एमएम गेट पर महिला डेस्क पर पहली नियुक्ति मिली। इंस्ट्राग्राम पर पॉपुलर प्रियंका मिश्रा ने रिवाल्वर के साथ रील बनाई। इससे पहले हरियाणा पंजाब तो बेकार में बदनाम है आओ कभी उत्तर प्रदेश में रंगबाजी क्या हाती है रील बनाई, सितंबर 2021 में रील वायरल होने के बाद तत्कालीन एसएसपी मुनिराज जी ने लाइन हाजिर कर दिया। इससे हालत होकर प्रियंका मिश्रा ने त्यागपत्र दे दिया था और इंस्टाग्राम पर और सक्रिय होने की बात कही थी।
दोबारा नौकरी मिली, लेकिन 48 घंटे में चली गई
प्रियंका मिश्रा ने प्रार्थना पत्र देते हुए कहा कि आर्थिक स्थित ठीक नहीं होनी है जीवनयापन में कठनाई आ रही है, इसलिए सेवा में पुन वापसी करा दी जाए। सहायक पुलिस आयुक्त कार्यालय को जांच दी गई, सयुक्त निदेशक अभियोजन से राय ली गई। उन्होंने नियुक्ति प्राधिकारी ी ओर से निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए स्वविवेक के अनुसार निर्णय लिए जाने की राय दी। इस तरह के मामलों में सेवा में लेने से पहले संबंधित नियमावली और आदेशों के लिए समस्त पत्रावली को पुलिस मुख्यालय भेजा जाता है लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
बाबू ने तथ्यों को संज्ञान में लाए बिना ही महिला सिपाही को पुन सेवा के लिए 18 अक्टूबर को आदेश करा दिए। पुलिस आयुक्त डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने महिला सिपाही के पुन सेवा के आदेश निरस्त करते हुए बाबू को निलंबित कर दिया है।