आगरालीक्स …..आगरा में ताजमहल के पीछे यमुना लबालब होगी, रबर चेकडैम के लिए नीरी, टीटीजेड सहित सभी पांच विभागों की एनओसी मिली। 2017 में चेकडैम का प्रोजेक्ट 350 करोड़ रुपये का था। ताजमहल से डेढ़ किलोमीटर डाउन स्ट्रीम नगला पैमा में रबरचेकडैम बनाया जाएगा।
आगरा में यमुना में जल कम है, इसे देखते हुए 1986 87 में पहली बार यमुना में चेकडैम बनाने का निर्णय लिया गया लेकिन यह पूरा नहीं हो सका। 2017 में सीएम योगी आदित्यनाथ ने ताजमहल से डेढ़ किलोमीटर आगे नगला पैदा में रबन चेकडैम का शिलान्यास यिका था लेकिन नीरी सहित अन्य विभागों से एनओसी न मिलने से काम शुरू नहीं हो सका।

पांच शर्तों के साथ नीरी ने दी एनओसी
आगरा में रबर चेकडैम के लिए नीरी यानी नेशनल एंवायरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीटयूट ने पांच शर्तों के साथ एनओसी दे दी है। टीटीजेड की बैठक में कमिश्नर अमित गुप्ता ने रबर चेकडैम के लिए एनओसी जारी करने का निर्णय लिया है। इससे रबरचेकडैम का काम जल्द शुरू हो जाएगा। इससे पहले केंद्रीय जल आयोग, अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण और एएसआई द्वारा एनओसी दी जा चुकी है।
34 साल से अटका पड़ा है बैराज
आगरा में सबसे पहले 1986 87 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने कैलाश गांव के पास मनोहरपुर में बैराज का शिलान्यास किया था लेकिन काम शुरू नहीं हो सका। 1993 में तत्कालीन राज्यपाल रोमेश भंडारी ने शिलान्यास किया लेकिन फिर बैराज का काम अटक गया।
इस तरह बनेगा रबर चेकडैम
रबर चेकडैम ताजमहल से डेढ़ किलोमीटर डाउन स्ट्रीम में बनाया जाएगा। रबन चेकडैम की फाउंडेशन आरसीसी की बनाई जाएगी, इसके उपर रबर के इन्फृलेटेबल वायर होंगे, जिससे ताजमहल के अप स्ट्रीम में पानी को स्टोर करने के साथ जल स्तर मैंटेन किया जा सकेगा। इसकी उंचाई 2.5 मीटर होगी और यमुना में 146 मीटर जलस्तर तय किया गया है। रबर चेकडैम बनने से ताज के पाश्र्व में करीब 3.50 लाख क्यूसेक पानी रोका जा सकेगा।