नईदिल्लीलीक्स… ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर के लिए मंदिर ट्रस्ट से 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, रिसीवर नियुक्त होगा। एक साथ 10 हजार श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। ( SC order: Rs 500 crore fund use from Shree Banke Bihari Temple trust, Appoint receiver#Vrindavannews)
ठाकुर बांके बिहारी मंदिर, वृन्दावन में श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर साल 2022 में मंगला आरती के दौरान भगदड़ मचने से श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ने पर मंदिर कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था, पांच एकड़ भूमि पर मंदिर कारिडोर प्रस्तावित किया गया। इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 5 एकड़ जमीन पर भव्य कॉरिडोर बनाने के लिए मंदिर ट्रस्ट के कोष जमा राशि से जमीन खरीदने के लिए कहा था इसका सेवायतों ने विरोध किया।
सुप्रीम कोर्ट ने दी अनुमति
सेवायतों के विरोध करने के बाद मामला हाईकोर्ट में पहुंचा, हाईकोर्ट ने मंदिर कॉरिडोर बनाने के लिए अनुमति दे दी थी इसके विरुदध सेवायत सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए। सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी और सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने कॉरिडोर निर्माण के लिए मंदिर के आस पास की 5 एकड़ भूमि खरीदने के लिए मंदिर कोष से 500 करोड़ रुपये उपयोग करने की अनुमति दे दी।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि ठाकुर बांके बिहारी मंदिर ट्रस्ट से 500 करोड़ रुपये का उपयोग पांच एकड़ जमीन के लिए किया जाएगा और यह जमीन मंदिर ट्रस्ट के नाम पर होगी। इससे पहले साल 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंदिर कोष से भूमि खरीदने के प्रस्ताव को निरस्त कर दिया था।
मंदिर प्रबंधन के लिए रिसीवर होंगे नियुक्त
इसके साथ ही ठाकुर बांके बिहारी मंदिर प्रबंधन के लिए रिसीवर नियुक्त करने के लिए कहा है। ऐसे रिसीवर की नियुक्ति की जाएगी जो वैष्णव संप्रदाय के होंगे, वेदों और धार्मिक शास्त्रों का गहन ज्ञान हो साथ ही मंदिर के प्रबंधन और प्रशासनिक कार्य की जानकारी हो। मंदिर के आंतरिक प्रबंधन में जिला प्रशासन या किसी भी सरकारी एजेंसी का हस्तक्षेप नहीं होगा। मंदिर से संबंधित सभी निर्णय ट्रस्ट और नियुक्ति किए गए रिसीवर द्वारा लिए जाएंगे।
काशी कॉरिडोर की तर्ज पर बनेगा ठाकुर बांके बिहारी कॉरिडोर
ठाकुर बांके बिहारी कॉरिडोर काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर की तर्ज पर बनेगा। 10600 वर्ग मीटर में कॉरिडोर का ऊपरी हिस्सा बनेगा और 11300 वर्ग मीटर में कॉरिडोर का निचला हिस्सा बनेगा। एक बार में 10 हजार भक्त दर्शन कर सकेंगे।
ये होगा
एक बार में 10 हजार भक्त दर्शन कर सकेंगे
10600 वर्ग मीटर में कॉरिडोर का ऊपरी हिस्सा बनेगा
11300 वर्ग मीटर में कॉरिडोर का निचला हिस्सा बनेगा
37 हजार वर्ग मीटर में बनेगी पार्किंग, 1550 वाहन एक बार में खड़े हो सकेंगे