आगरालीक्स …..आपकी पत्नी को बेवजह आप पर शक है, क्योंकि हर बार सनम बेबफा नहीं, यह कैमिकल लोचा (सिजोफ्रेनिया) की बीमारी हो सकती है। आज सिजोफ्रेनिया दिवस पर 20 से 35 साल की उम्र में होने वाली इस बीमारी के बारे में जान लें।
पति पत्नी के बीच के विवाद का एक बड़ा कारण शक है, पत्नी को पति पर और पति को पत्नी पर। कई बार शक में हत्या तक हो रही है। इस शक का मूल कारण क्या है, शक बेवजह है तो यह सिजोफ्रेनिया के कारण हो सकता है।

इसलिए होता है शक
मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक डॉ. दिनेश राठौर ने बताया कि हमारे विचारों को काबू रखने और सही दिशा में सोचने के लिए डोपामिन न्यूरोट्रांसमिटर होते हैं। किसी कारण से डोपामिन का स्तर असंतुलित हो जाए तो समस्या होने लगती है। इस बीमारी को सिजोफ्रेनिया कहते हैं, इसमें एक बड़ी समस्या शक की होती है। पत्नी को अपने पति पर बेवजह शक होने लगता है, जबकि हकीकत में शक बेबुनियाद होता है। शक इस स्तर तक बढ़ जाता है कि पत्नी अपने पति के साथ मारपीट करना शुरू कर देती है। जब काउंसिलिंग की जाती है और उसके बाद इलाज किया जाता है तो वही पत्नी बाद में कहती है कि मैं क्यों शक कर रही थी, ऐसा तो कुछ नहीं था।
कानों में सुनाई देती है आवाज
सिजोफ्रेनिया की बीमारी में एक और समस्या होती है। इसमें कानों में आवाज सुनाई देने लगती है, कई बार ऐसा लगता है कि पुलिस आ रही है और पकड़ कर ले जाएगी, इसी तरह की अलग अलग आवाज आती हैं और शक और डर बना रहता है। इस तरह के मामले भी बढ़ रहे हैं।
एक प्रतिशत लोगों को बीमारी
सिजोफ्रेनिया की बीमारी एक अनुमान के तहत एक प्रतिशत लोगों को है। लेकिन वे इसे समझते नहीं हैं, इसलिए 30 प्रतिशत सिजोफ्रेनिया के मरीज ही इलाज करा रहे हैं। 70 फीसद मरीज बीमारी का इलाज नहीं करा रहे हैं।
20 से 35 की उम्र में होती है बीमारी
सिजोफ्रेनिया की बीमारी 20 से 35 की उम्र में होती है। महिलाओं में यह बीमारी 25 की उम्र के बाद मिलती है जबकि पुरुषों में 18 से 20 की उम्र में बीमारी के लक्षण मिलने लगते हैं।