आगरालीक्स… आगरा रीजन में आए डिप्टी सीएम डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि माता सीता का जन्म मिटटी के बर्तन से हुआ था, उस समय रामायण काल में टेस्ट टयूब बेबी टेक्निक थी, उनके बयान को देखा जाए तो सीता माता को पहली टेस्ट टयूब बेबी भी कह सकते हैं। आधुनिक दौर में पहले टेस्ट टयूब बेबी ने 25 जुलाई 1978 को ग्रेट ब्रिटेन में जन्म लिया था।
30 मई को मथुरा में हिंदी पत्रकारिता दिवस के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने कहा कि सीता भी टेस्ट ट्यूब बेबी हो सकती हैं। रामायण काल में माता सीता का जन्म एक मिट्टी के बर्तन (घड़े) से हुआ था। इससे यह साबित होता है कि उस समय में टेस्ट ट्यूब बेबी की तकनीक रही होगी।
People say Sita ji was born from an earthen pot, which means at the time of Ramayana, a concept similar to test tube baby must have existed: Dinesh Sharma, UP Deputy CM pic.twitter.com/kcCH7t75Ex
— ANI UP (@ANINewsUP) June 1, 2018
दुनिया का पहला टेस्ट टयूब बेबी
25 जुलाई 1978 को ग्रेट ब्रिटेन में लेज़्ली ब्राउन ने दुनिया के पहले टेस्ट ट्यूब बेबी को जन्म दिया था। इस बेबी का नाम है लुइज़ जॉय ब्राउन। इनके पिता का नाम है जॉन ब्राउन। इनके माता-पिता के विवाह के नौ साल बाद तक संतान नहीं होने पर उन्होंने डॉक्टरों से सम्पर्क किया। डॉक्टर रॉबर्ट जी एडवर्ड्स कई साल से ऐसी तकनीक विकसित करने के प्रयास में थे, जिसे इन विट्रो फर्टिलाइज़ेशन कहा जाता है। डॉक्टर एडवर्ड्स को बाद में चिकित्सा विज्ञान का नोबेल पुरस्कार भी दिया गया। टेस्ट ट्यूब बेबी लुइज़ 39 वर्ष की हैं और वे एक बच्चे की माँ हैं। उनके बेटे का नाम केमरन है, जिसकी उम्र पाँच साल है। लुइज़ का विवाह सन 2004 में वेस्ली मलिंडर से हुआ था। और 20 दिसम्बर 2006 को केमरन का जन्म सामान्य तरीके से हुआ।
टेस्ट टयूब में निषेचित और गर्भ में पलता है शिशु
इस तकनीक में महिला के अंडाशय से अंडे को निकालकर उसका संपर्क द्रव माध्यम में शुक्राणुओं से कराया जाता है.महिला को हार्मोन सम्बंधी इंजेक्शन दिए जाते हैं ताकि उसके शरीर में अधिक अंडे बनने लगें. इसके बाद अंडाणुओं को अंडकोष से निकाला जाता है और नियंत्रित वातावरण में महिला के पति के शुक्राणु से उन्हें निषेचित कराया जाता है. इसके बाद निषेचित अंडाणु को दो से पांच दिन बाद महिला के गर्भाशय में स्थानांतरित किया जाता है. नौ महीने तक गर्भ में ही शिशु पलता है।
महाभारत काल से चल रहा है लाइव
डिप्टी सीएम डॉ दिनेश शर्मा ने कहा था कि आज लाइव प्रसारण का दौर है। महाभारत के समय भी यह तकनीक मौजूद थी। महाभारत के युद्घ के वक्त संजय ने धृतराष्ट्र को महाभारत की लड़ाई का सीधा प्रसारण प्रस्तुत किया था। भारत में लाइव टेलीकास्ट की तकनीकी महाभारत काल से है बस उसका रूप अलग था। आज के डब्लूडब्लूडब्लू के जवाब में नारद का नारायण..नारायण..नारायण था। उन्होंने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और वह स्वतंत्र है। बदलाव के इस दौर में पत्रकारों को अपनी सीमा स्वयं तय करनी होगी।
Today, live telecast is being done, but I think a similar technology was present at the time of Mahabharata, when Sanjay presented a 'live telecast' of the battle of Mahabharata to Dhritarashtra: Dinesh Sharma, UP Deputy CM pic.twitter.com/0AQ3ptHnIW
— ANI UP (@ANINewsUP) June 1, 2018