
देश में स्मार्ट सिटी के लिए दूसरे चरण का काउंट डाउन शुरू हो चुका है। नगर निगम क्रिसिल कंपनी की मदद से प्रस्ताव को अंतिम रूप देने में जुटा है। गुरुवार को सदन के की बैठक के दौरान पार्षदों के सामने प्रजेंटेशन दिया गया। इसके तहत बजट का 78 फीसदी एरिया बेस्ड डेवलेपमेंट और 22 फीसदी पेन सिटी के तहत खर्च किया जाना है।
‘मेरा आगरा कार्ड’ से भुगतान
जब शहर स्मार्ट होगा तो भुगतान के तरीके भी स्मार्ट होंगे। इसके लिए क्रिसिल ने ‘मेरा आगरा कार्ड’ बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस स्मार्ट कार्ड के माध्यम से न सिर्फ शॉपिंग की जा सकेगी, बल्कि स्मारकों के प्रवेश, पार्किंग, बस, मेट्रो आदि टिकट, रेस्टोरेंट व होटलों के बिल का पेमेंट इसी कार्ड से किया जा सकेगा। शहरवासियों के साथ-साथ पर्यटक भी यह कार्ड बनवा सकेंगे।
सीटीटीवी कैमरों से निगरानी
स्मार्ट सिटी में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था भी स्मार्ट होगी। इसके लिए शहर में 208 सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव है। ये कैमरे शहर के विभिन्न चौराहों और प्रमुख स्थानों पर लगाए जाएंगे। इनकी मदद से शहर पर नजर रखी जा सकेगी।
बजट की व्यवस्था
स्मार्ट सिटी मिशन – 906 करोड़ (38 फीसदी)
कनवरजेंस – 1024 करोड़ (47 फीसदी)
पीपीपी – 323 करोड़ ( 15 फीसदी)
100 शहर बनने हैं स्मार्ट सिटी
केंद्र सरकार ने देश के 100 शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने की घोषणा की थी। 28 जनवरी को घोषित ‘स्मार्ट सिटी चैलेंज कम्प्टीशन’ में 20 स्मार्ट सिटी मिशन शहरों की सूची में मात्र 12 राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों को प्रतिनिधित्व मिल पाया था।
इस योजना के तहत दूसरे चरण में 23 शहरों की दावेदारी में से 13 के नामों का ऐलान कर दिया गया। अगले दो सालों में इस योजना के तहत 40-40 शहरों का चयन रैंकिंग के आधार पर होगा। फास्ट ट्रैक कंपटीशन के जरिए सभी शहरों को अपनी रैकिंग सुधारने का मौका दिया जा रहा है। इसमें आगरा भी दावेदारी कर रहा है, इसके लिए एक एजेंसी से करार किया गया है, यह शहर की प्लानिंग तैयार कर रही है।
स्मार्ट सिटी के लिए चुने गए हर शहर को पहले साल 200 और उसके बाद चार साल के लिए हर साल 100 करोड़ रुपये मिलेंगे। केंद्र सरकार इस प्रोजेक्ट पर अगले पांच साल में 48 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी और इतनी ही रकम राज्य मिलकर खर्च करेंगे।
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