आगरालीक्स… श्री हनुमान जी की पूजा-अर्चना सेबुद्धि, बल,यश, धैर्य, विवेक और वाक्पटुता के गुणों का होता है विकास। हनुमान जन्मोत्सव पर कैसे प्राप्त करें उनकी कृपा।
सुखद संयोग में मन रहा हनुमान जन्मोत्सव


श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार वाले ज्योतिषाचार्य पंडित हृदय रंजन शर्मा के मुताबिक चैत्र शुक्ल पक्ष पूर्णिमा दिन गुरुवार हस्त नक्षत्र व्यतिपात योग ,बव करण के सुखद संयोग मे 06 अप्रैल को ही श्री हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाएगा।
हनुमानजी को प्राप्त हैं वरदान
प्रभु श्री राम के अनन्य भक्त पवन पुत्र श्री हनुमान जी का जन्म हुआ था हनुमान जी ने हीं सभी नवग्रहों को रावण की गुलामी से मुक्ति दिलाई थी अतः सभी नग्रहों का वरदान है कि जो भी भक्त हनुमान जी की पूजा पाठ अर्चना करेंगा उसे किसी ग्रह की शांति की आवश्यकता नहीं है।
आठों सिद्धियां, नौ निधियों की प्राप्ति संभव
प्रभु की पूजा करने से मनुष्य में बुद्धि ,बल ,यश ,धैर्य ,निर्भरता, आरोग्यता, विवेक, और वाक्पटुता आदि विशेष गुणों का विकास होता है। आठों सिद्धियां, नौ निधियों की प्राप्ति संभव है।
शनि की साढ़े साती से बचने को यह करें उपाय
वर्तमान में मकर, कुंभ और मीन राशि के जातकों पर शनि की साढ़े साती चल रही है, अतःउ न लोगों को प्रभु की विशेष रूप से पूजा करनी चाहिए। इसके लिए यह आवश्यक नहीं है कि मंदिर जाकर ही पूजा पाठ करें। इसके लिए घर पर ही पूजा अर्चना और हनुमान चालीसा, बजरंग बाण, सुंदरकांड का पाठ कर प्रसाद का वितरण कर सकते हैं।
ऐसे करें श्री हनुमान जी की पूजा पाठ
🌟 हनुमान जी को चमेली या तिल के तेल से युक्त चोला पसंद है अतः सिंदूर मेंतिलयाचमेली के तेल का प्रयोग अत्यंत शुभ रहेगा
*🌟 यज्ञोपवीत, लाल लंगोट, चमेली की माला प्रभु को अर्पण करें इससे प्रभु बहुत प्रसन्न होते हैं।
🌟 श्री हनुमान जन्मोत्सव वाले दिन हनुमानजी के आगे चमेली या तिल के तेल का दीपक पूरे दिन अपनी विशेष मनोकामना इच्छा पूर्ति हेतु जलाएं, उससे आपकी मनोकामनाएं अवशय ही पूरी होगी।
🌟 हनुमान चालीसा, बजरंग बाण ,सुंदरकांड का पाठ करें या सुनले आपको एक बराबर ही लाभ प्राप्त होगा।
🌟 श्री हनुमान चालीसा सुंदरकांड की पुस्तकें ,प्रभु श्री राम हनुमान जी के सुंदर चित्र कैलेंडर बांटे।
🌟 गरीबों को भोजन बंदरों को चने केले खिलाएं
पूजा पाठ की विधि
🏵 हम लोग जिस मूर्ति को दीपावली पूजन के दिन घर लाते हैं हनुमान जी की उस पर चोला चढ़ाने का पूजा पाठ करने से भक्तों को सौ प्रतिशत अधिक लाभ व पुण्य फल की प्राप्ति होती है।