लखनऊलीक्स…अयोध्या में बन रहे राम मंदिर की मूर्तियों के लिए शिलाएं नेपाल से लाई गईं तो अब गर्भगृह के लिए चंद्रपुर में भव्य काष्ठ-पूजन के बाद लकड़ियां हुईं रवाना।
चंद्रपुर, गढ़ चिरौली की काठ, रामलला के ठाट

चंद्रपुर की काठ, रामलला के होंगे ठाट कुछ ऐसी ही भव्यता समाई है, अयोध्या के राममंदिर निर्माण में। मंदिर निर्माण के लिए लगने वाली सारी लकड़ी मध्यप्रदेश के चंद्रपुर जिले के जंगलों से रवाना की जा रही है।
मंदिर का चुनाव पदाधिकारियों ने किया
इस जंगल की लकड़ी का चुनाव श्री राम मंदिर निर्माण समिति के पदाधिकारियों ने किया। राम मंदिर से आई विशेषज्ञों की एक टीम ने वहां के वन विभाग को लकड़ी के लिए मांग पत्र सौंपा।
शुरुआत में 32 घन फीट लकड़ी को रवाना
शुरुआत में 32 घन फीट लकड़ी को रवाना की गई, इसके लिए चंद्रपुर में भव्य काष्ठ-पूजन का आयोजन हुआ। आयोजन को भव्यता प्रदान करने करने के लिए देशभर से लोक कलाकारों को बुलाया गया।
गढ़ चिरौली और चंद्रपुर के जंगल से आएगी लकड़ी श्रीराम मंदिर का निर्माण कार्य 2024 तक पूरा होना है। इसलिए प्रत्येक स्तर पर तैयारियां भी जोर-शोर से चल रही हैं। बताया जा रहा है कि श्री राम मंदिर के निर्माण में जितनी भी और जिस आकार की लकड़ी लगना है वो चंद्रपुर और गढ़चिरौली के जंगल से जाएगी।