आगरालीक्स.. ताजमहल क्या है, मंदिर या मकबरा, इसका जवाब भारत सरकार और केंद्रीय पुरातत्व विभाग ने दे दिया है। आगरा के स्थानीय कोर्ट में तेजोमहल बनाम ताजमहल मामले में गुरुवार को भारत सरकार और केंद्रीय पुरातत्व विभाग ने अपना जवाब दाखिल किया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ताजमहल मंदिर नहीं है, ताजमल मुगल शहंशाह शाहजहां द्वारा अपनी बेगम मुमताज महल की याद में बनवाया गया मकबरा है। अपने जवाब में उन्होंने स्पष्ट किया है कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि ताजमहल के संबंध में किसी भी मामले की सुनवाई स्थानीय कोर्ट में नहीं की जा सकती है।
आगरा के स्थानीय कोर्ट में आठ अप्रैल 2015 में लखनऊ के गोमती नगर निवासी अधिवक्ता हरीशंकर जैन और उनके पांच साथियों ने तेजोमहल बनाम ताजमहल को लेकर दायर की थी। इसमें दावा किया गया है कि यह इमारत ताजमहल नहीं, बल्कि शिव मंदिर है, जिसका नाम है तेजोमहालय। इसमें केंद्र सरकार और केंद्रीय पुरातत्व विभाग को पक्षकार बनाया गया है। दोनों की ओर से पैरोकार ने गुरुवार को कोर्ट में जवाब दाखिल किया।
हरीशंकर जैन की ओर से अधिवक्ता राजेश कुलश्रेष्ठ ने आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने जवाब को अपूर्ण बताया। कहा कि यह जवाब पोषणीय नहीं है। उन्होंने इस जवाब का प्रतिवाद करने के लिए कोर्ट से समय मांगा। पीठासीन न्यायाधीश अभिषेक सिन्हा ने उनके जवाब के लिए तारीख 11 सितंबर मुकर्रर की है।
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