आगरालीक्स…‘जस्टिस फॉर आगरा की बेटी’ ट्विटर पर छाया रहा. लेकिन जब पुलिस ने आगरा की बेटी को दिल्ली से बरामद किया तो आपको हैरान कर देगी अपहरण की ये कहानी…
किशोरी को ले जाते हुए युवक का वीडियो हुआ वायरल
23 फरवरी को आगरा के दयालबाग स्थित अस्पताल से एक किशोरी के अपहरण की घटना ने हर किसी को हिला कर रख दिया. सीसीटीवी में किशोरी को बुर्का पहनाकर जाते हुए एक युवक का वीडियो भी तेजी से वायरल हो गया. किशोरी के परिजनों ने मेहताब नाम के युवक पर अपहरण का आरोप लगाते हुए थाना न्यू आगरा में मुकदमा पंजीकृत करा दिया. अपहरण का ये वीडियो सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा और ‘जस्टिस फॉर आगरा की बेटी’ के नाम से हैशटैग भी देखते ही देखते छा गया. इस हैशटैग पर न सिर्फ आगरावासी बल्कि देश के कई सेलिब्रिटी जैसे पहलवाल योगेशदत्त ने भी अपनी राय रखी और किशोरी की बरामदगी की मांग आगरा पुलिस से की. वायरल होते इस वीडियो और सोशल मीडिया पर मुद्दा छाते ही पुलिस ने इस मामले को अपनी प्रॉयरिटी पर रखा और तेजी से इसकी जांच की. पुलिस ने मेरठ निवासी मेहताब की पत्नी और भाभी को भी अरेस्ट किया. मेहताब पर भी पुलिस ने शिकंसा कस दिया. लेकिन इसके बाद भी किशोरी की बरामदगी नहीं हो सकी.
पुलिस ने पहले आटो और फिर कार का पता किया
पुलिस ने इसकी जांच में अपनी तेजी दिखाई और फिर से वायरल वीडियो की सच्चाई जानने की कोशिश की. पुलिस ने उस आटो को तलाश जिसमें बैठकर युवती और युवक भगवान टाकीज तक गए. पुलिस ने आटो चालक से पूछताछ की तो उसने बताया कि उसने दोनों को भगवान टाकीज छोड़ा और फिर दोनों एक कार से निकल गए. पुलिस ने सीसीटीवी के जरिए इस कार का भी पता कर लिया. कार चालक ने किशोरी को दिल्ली के तिलक नगर स्थित एक पीजी में छोड़ने की बात कही. आगरा पुलिस तुरंत ही दिल्ली के तिलक नगर स्थित पीजी पहुंची, जहां उसने किशोरी को बरामद कर लिया.
नीट की तैयारी कर रही थी किशोरी
पुलिस ने दिल्ली के तिलक नगर स्थित पीजी से किशोरी को बरामद कर लिया लेकिन मीडिया रिपोर्ट के अनुसार किशोरी ने पुलिस को जो सच्चाई बताई वह हैरान करने वाली है. दरअसल, किशोरी पीजी में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी. किशोरी ने पुलिस को बताया कि पहले जब वह मेहताब के साथ चले जाने पर परिजनों ने उस पर बंदिश लगा दी थी. वह नीट की तैयारी करना चाहती थी लेकिन परिजन इसके लिए राजी ही नहीं थे. ऐसे में वह जनवरी 2020 में अपनी बुआ के घर रहने चली गई. यहां बुआ के बेटे नमित के दोस्त ग्वालियर निवासी दिव्यांशु उसे मिला और उसने दिव्यांशु से नीट की तैयारी कराने के लिए दिल्ली ले जाने को कहा. दिव्यांशु इसके लिए राजी हो गया और उन्होंने एक प्लान बनाया. प्लान के अनुसार 23 फरवरी को दिव्यांशु अपने एक ओर परिचित रिंकू के साथ आगरा आया. रिंकू ही किशोरी को बुर्का पहनाकर आटो से कार तक लाया और इसके बाद तीनों दिल्ली चले गए. पुलिस ने दिव्यांशु को पकड़ना चाहा तो पता चला कि वह साइबर क्राइम के एक मामले में 28 फरवरी को जेल जा चुका है. रिंकू अपनी पत्नी के साथ कहीं घूमने गया है. पुलिस उसकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है.
मेहताब के रोल की जांच कर रही पुलिस
इधर पुलिस का कहना है कि अभी किशोरी को बरामद किया गया है. उसके बयान लिए जाएंगे, उसके बाद ही आगे की जांच की जाएगी. मेहताब को लेकर जो भी कनेक्शन हैं वो सब सामने आ जाएंगे. पुलिस का कहना है कि जल्द ही सारा सच सामने आ जाएगा.