आगरालीक्स…तीन ऐसी जगह जहां स्वयं चली आती हैं मां लक्ष्मी. हमेशा करती हैं वास और नहीं होने देतीं पैसों की तंगी..जानिए क्या कहती है चाणक्य नीति
आचार्य चाणक्य को महान दार्शनिक, राजनीति के ज्ञाता माना जाता है. उन्होंने अपनी नीतियों के द्वारा व्यक्ति को सफल होने के साथ समाज में मान सम्मान देने की कोशिश की है. ऐसे ही आचार्य चाणक्य ने एक श्लोक में बतया है कि कहां पर मा लक्ष्मी हमेशा वास करती हैं. आमतौर पर मां लक्ष्मी को चंचल प्रवृत्ति के लिए जाना जाता है जो एक जगह पर हमेशा नहीं रुकतीं. इसी के कारण उन्हें चतला नाम से भी पुकारा जाता है. उनका एक स्थान रुकने का स्वभाव बिल्कुल नहीं हैं लेकिन आचार्य चाणक्य ने जिस श्री की बात की है वह बुद्धि की सखी है. यह दोनों एक दूसरे के बिना नहीं रहती हैं. ऐसे में जहां श्री रहती हैं वहां पर मां लक्ष्मी का हमेशा वास होता है. श्री जिसके मन या घर में प्रविष्ट हो जाती है तो अपनी इच्छा से कभी नहीं छोड़ती है.

जानिए आचार्य चाणक्य के अनुसार वह कौन सी तीन जगह हैं जहां मां लक्ष्मी हमेशा वास करती हैं.
- जहां मूर्खों का सम्मान न होता हो — हमारे समाज में कई तरह के ऐसे लोग होते हैं जिन्हें किसी भी चीज का ज्ञान नहीं होता है लेकिन वह दिखाते ऐसे है कि जैसे सबसे ज्यादा ज्ञानी हों. एसे मूर्खों की जहां पर पूजा की जाती है, वहीं पर मा लक्ष्मी कभी भी वास नहीं करती है. आचार्य चाणक्य के अनुसार जिन जगहों पर मूर्खों का सम्मान न करनके गुणवानों का मान—सम्मान किया जाता है, वहां पर हमेशा मां लक्ष्मी वास करती हैं.
- जिस घर में भरा रहता हो अन्न का भंडार — आचार्य चाणक्य के अनुसार जिस घर में कभी भी अन्न की कमी नहीं होती है. अन्न खत्म होने से पहले उसे भर दिया जाता है तो वहां पर मां लक्ष्मी वास करती हैं. वहीं जहां पर अन्न का एक भी दाना नहीं होता है तो मां की कृपा भी उसके ऊपर नहीं होती हघ्ै. इसलिए व्यक्ति को हमेशा अपने घर का अन्न का भंडार भरा हुआ रखना चाहिए.
- पति—पत्नी के बीच न होती हो कलह — चाणक्य नीति के अनुसार जिस घर में पति—पत्नी के बीच कलह मची रहती है, तो वहां पर मां लक्ष्मी कभी भी नहीं आती हैं. अगर पति पत्नी के बीच प्यार बना रहता है और हमेशा एक दूसरे के साथ खड़े रहते हैं तो उस घर में हमेशा खुशहाली बनी रहती है और मां लक्ष्मी वहां रहना पसंद करती हैं.