
रविवार को ताज लिटरेचर फेस्टिवल के आखिरी दिन भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने ग्यारह सीढ़ी, मेहताब बाग पर अपनी आने वाली पुस्तक एनीथिंग बट खामोश, द शत्रुघ्न सिन्हा बायोग्राफी को रिलीज किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने रील और रीयल लाइफ से जुड़े कई पहलुओं को लोगों के साथ साझा किया। इस सत्र में उनके साथ अभिनेता कबीर बेदी भी शामिल हुए।
सासंद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा बच्चों को वो न बनाएं, जो आप चाहते हैं,बल्कि वो करने दें जो वे करना चाहते हैं। वे खुद डॉक्टरी छोड़कर फिल्मी दुनिया में आए। उन्होंने बताया कि बड़े भाई लखन भैया ने इस फिल्मी सफर के लिए मेरा बहुत सहयोग किया।इस मौके पर मंडलायुक्त प्रदीप भटनागर, हरविजय सिंह बाहिया, डॉ. रंजना बंसल आदि मौजूद थे। फिल्म अभिनेत्री विद्या बालन ने कविता पाठ किया।
अच्छे दिन आए, भाजपा नहीं छोड़ूंगा
श़त्रुघ्न सिन्हा से जब पूछा गया कि क्या देश में अच्छे दिन चल रहे हैं, तो उन्होंने हंसते हुए कहा कि मैं बहुत आशावादी हूं, सिर्फ मंत्री पद न मिलने के कारण नहीं कहूंगा कि अच्छे दिन नहीं आए हैं। उन्होंने कहा कि मेरी पहली और आखिरी पार्टी सिर्फ भाजपा ही है।
सांसद शत्रुघ्न सिन्हा से जब पूछा गया कि जेएनयू मामले में आपका क्या कहना है, तो उन्होंने कहा कि यह न्यायिक मामला हैं, इसमें वे कुछ नहीं बोल सकते हैं। पहले इस मामले में बहुत कुछ बोल चुके हैं, लेकिन अब कुछ भी नहीं बोलना चाहते हैं। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा चलाई गई जनहित योजनाओं का अधिक से अधिक फायदा उठाने के लिए लोगों से अपील की।
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