अलीगढ़लीक्स…(15 January 2022 Aligarh News) अलीगढ़ की सात विधानसभा सीटों में से छह पर पर प्रत्याशी घोषित किए गए हैं। बरौली से ठाकुर दलवीर सिंह अपनी सीट नहीं बचा सके हैं। शहर सीट से संजीव राजा को हटाने को लेकर पेच फंसा हुआ है…
खैर में अनूप को मिला विकास कार्यों का इनाम
भाजपा ने अलीगढ़ की छह सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। खैर विधानसभा क्षेत्र से अनूप प्रधान वाल्मीकि पर भरोसा कायम रखा है। वह लंबे समय से संगठन में जुड़े रहने के साथ नोएडा से जुड़े क्षेत्र में विकास कार्यों की बदौलत अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे।
पूर्व सीएम कल्याण के नाती संदीप पर भरोसा रखा कायम
अतरौली सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के नाती और एटा सांसद राजवीर सिंह राजू के पुत्र संदीप सिंह पर पार्टी ने भरोसा जताया है। योगी मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री संदीप पार्टी का अलीगढ़ में युवा चेहरा भी हैं।
छर्रा से रवेंद्र औऱ इगलास से सहयोगी पर रहा विश्वास
छर्रा विधानसभा सीट से ठा. रवेंद्रपाल सिंह के टिकट को कायम रखा गया है। वह लंबे समय से पार्टी से जुड़े रहे हैं। इगलास से राजकुमार सहयोगी एक बार फिर टिकट प्राप्त कर सके हैं लेकिन कुछ विवादों के कारण इस बार उनके नाम पर संशय के बादल छाए हुए थे लेकिन पार्टी ने उन पर ही भरोसा जताया है। कोल विधानसभा सीट से अनिल पाराशर पर ही भाजपा ने भरोसा जताया है। वह लंबे समय से संगठन और संघ से जुड़े रहे हैं।

अबकी बार ठा.जयवीर रहे भारी, दलवीर को मात
अलीगढ़ में बरौली विधानसभा सीट ठाकुर दलवीर सिंह और ठाकुर जयवीर सिंह के बीच प्रतिष्ठा की सीट रही है। ठाकुर दलवीर सिंह कई बार दल बदल कर इस सीट से लगातार विधायक रहे हैं, जबकि ठाकुर जयवीर सिंह लंबे समय तक बसपा से इस सीट पर दलवीर सिंह को टक्कर देते रहे हैं और विजयी भी हुए हैं। पिछले चुनाव में दलवीर सिंह ऐन मौके पर भाजपा में शामिल होकर जीतने में कामयाब रहे थे। बाद में ठा. जयवीर सिंह बसपा छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। भाजपा ने उन्हें एमएलसी का पद भी सौंपा था।
उत्ताराधिकारी लाना चाहते थे दोनों नेता
बरौली विधानसभा सीट से इस बार ठा. जयवीर सिंह अपने पुत्र को औऱ ठा दलवीर सिंह अपने नाती को टिकट दिलाने के प्रयास में लगे थे लेकिन पार्टी ने जयवीर सिंह को ही चुनाव मैदान में उतारकर दलवीर सिंह करारा झटका दिया है।
शहर सीट पर पेच फंसा
भाजपा ने अलीगढ़ शहर सीट से प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं की है। इस सीट से भाजपा के संजीव राजा विधायक हैं। पिछले चुनाव में उन्हें संगठन और संघ से जुड़े होने के कारण टिकट दिया गया था. लेकिन इस बार उनके टिकट को बरकरार रखने एक राय कायम नहीं हो सकी थी। कोल के साथ शहर विधानसभा सीट भाजपा की प्रतिष्ठा की सीट है। इस सीट पर भाजपा अपने प्रत्याशी की घोषणा ठोक बजाकर करना चाहती है।