आगरालीक्स.. आगरा के सांसद डॉ राम शंकर कठेरिया और मेयर नवीन जैन सहित कई नेताओं पर दर्ज मुकदमे वापस करने के लिए आख्या मांगी गई है। इन पर बलवा, सरकारी काम में बाधा, सेवन क्रिमिनल लॉ एक्ट सहित गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज थे।
भाजपा से पहले सपा सरकार में 2011 में सांसद डॉ राम शंकर कठेरिया, मेयर नवीन जैन सहित नेताओं पर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। इनके खिलाफ पुलिस ने बलवा, तोडफोड, सेवन क्रिमनल लॉ एक्ट में मुकदमा दर्ज किया था। शासन के विशेष सचिव राजेश सिंह ने इनके खिलाफ दर्ज केस वापस करने के लिए डीएम से आख्या मांगी थी।
ये मांगी गई आख्या
डीएम से सांसद डॉ राम शंकर कठेरिया और मेयर नवीन जैन के खिलाफ दर्ज एफआईआर, चार्जशीट, आरोपी, अभियोजन की स्थिति की आख्या मांगी है। इस संबंध में एसएसपी और अभियोनजन से भी आख्या तलब की गई है।
भाजपा सरकार बनने के बाद मुकदमे हो रहे वापस
अप्रैल 2018 में आगरा के सांसद डॉ राम शंकर कठेरिया और उनकी पत्नी मृदुला कठेरिया पर दर्ज 11 मुकदमे वापस होंगे। शासन ने जनहित का हवाला देते हुए मुकदमे शीघ्र वापस लेने के लिए कहा है। शासन ने जिला मजिस्ट्रेट से 13 बिन्दुओं पर रिपोर्ट मांगी है। इस संबंध में एडीएम सिटी केपी सिंह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक रेलवे, संयुक्त निदेशक अभियोजन व जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी से रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है।
आगरा में वर्ष 2009 से 2014 के मध्य सांसद डॉ. रामशंकर कठेरिया आदि के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन, शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने, रेलवे अधिनियम, लोक प्र. अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में थाना सदर, हरीपर्वत, नाई की मंडी, आरपीएफ आगरा कैंट, जीआरपी कैंट में 11 मुकदमे दर्ज हुए थे। वहीं डॉ. कठेरिया की पत्नी मृदुला कठेरिया आदि पर वर्ष 2009 में थाना न्यू आगरा में मुकदमा दर्ज हुआ था। तर्क था कि जनआंदोलन के दौरान यह मुकदमे दर्ज हुए थे।
शासन ने मांगी रिपोर्ट
शासन के विशेष सचिव राजेश सिंह ने जिला मजिस्ट्रेट को भेजे पत्र में 13 बिन्दुओं पर आख्या मांगी है। इसमें वाद संख्या/मुकदमा अपराध संख्या, अपराध की धाराएं, न्यायालय का नाम, जहां प्रकरण लंबित है, अभियुक्तगण के नाम, जिनके विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया गया है, यदि किसी अभियुक्त की मृत्यु हो गई है तो उसका स्पष्ट विवरण, वाद के तथ्य, वादी पक्ष की चोटों का विवरण, विवेचना के दौरान बरामदगी का विवरण, न्यायालय में मुकदमे की वर्तमान स्थिति, यदि कोई क्रास केस हो, तो उसका विवरण तथा अद्यतन स्थिति, केस डायरी में उपलब्ध साक्ष्य का परीक्षण अभियोजन अधिकारी/लोक अभियोजक से कराकर पूर्ण विवरण दें, वाद वापसी के संबंध में संबंधित अभियोजन अधिकारी/लोक अभियोजक का स्पष्ट मत, वाद की वापसी के संबंध में पुलिस अधीक्षक का स्पष्ट मत, वाद की वापसी के संबंध में जनहित के दृष्टिगत स्पष्ट मत कारण सहित।