
स्कूलों में प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है। नर्सरी से लेकर बडी क्लासेज में प्रवेश लिया जा रहा है। मिशिनरी स्कूलों में प्रवेश बहुत मुश्किल है तो सीबीएसई स्कूलों में एडमिशन आसान नहीं है। टेस्ट के साथ ही डोनेश भी ली जा रही है। ऐसे में डीएम पंकज कुमार ने बच्चों का टीकाकरण कराने के लिए नया तरीका निकाला है। उन्होंने शुक्रवार को कलक्ट्रेट में बैठक की और टीकाकरण को प्रभारी बनाने के लिए नई रणनीति बनाई है। टीकाकरण से बच्चों को कई तरह की बीमारियों से बचाया जा सकता है, इसके लिए जरूरी है कि सभी बच्चों के टीके लगाएं जाएं।
उन्होंने निर्णय लिया कि टीकाकरण अभियान को और अधिक सफल बनाने के लिए जरूरी है कि निर्धारित टीकाकरण कराने वाले बच्चों को स्कूलों में प्राथमिकता पर प्रवेश कराया जाये। उन्होंने कहा कि यह नियम सभी बोर्ड के स्कूलों पर लागू होगा। इस सम्बन्ध में उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिये कि इसका सर्कुलर जारी कर सभी प्रधानाचार्यों से अनुपालन सुनिश्चित करायें। उन्होंने निर्धारित टीकाकरण से छूटे बच्चों के ऐसे अभिभावकों से बच्चों का टीकाकरण कराने का अनुरोध किया है।
किताबों के बोझ से दबे जा रहे बच्चे
स्कूलों में बस्ते का बोझ बढता जा रहा है तो परिजनों की जैब ढीली हो रही है। बैग इतने भारी हैं कि बच्चे क्या बडे भी उसे उठाकर ज्यादा दूर तक नहीं चल सकते हैं। वहीं, फीस के साथ ही किताब कॉपी का शुल्क भी बढ गया है। स्कूलों में एडमिशन हो रहे हैं और बुक सेलरों पर बच्चों के साथ परिजनों की भीड लगी हुई है। प्ले ग्रुप के बच्चों का बैग भी दो हजार से महंगा है। इस महंगाई में अपने बच्चों को पढाना भी आसान नहीं रहा है। वहीं, सरकारी स्कूलों में पढाई खत्म हो चुकी है।
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