
शनिवार रात को माधव भवन में भाजपा और अन्य आनुषांगिक संगठनों के सभी प्रमुख पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई। इसमें निर्णय हुआ है कि रविवार को शोक सभा के बाद मामले को खत्म नहीं किया जाएगा। हिंदू परंपरा के तहत अरुण माहौर की अस्थियों को भव्यता के साथ गंगा में प्रभावित किया जाएगा। एक बडे रथ पर उनकी अस्थियों को रखकर दो दिन शहर में घुमाया जाएगा। इसके बाद अस्थियां अलीगढ पहुंचेंगी और गंगा में विसर्जित की जाएंगी।
विहिप महानगर उपाध्यक्ष अरुण माहौर की गुुरुवार सुबह हुई हत्या के विरोध में कलेक्ट्रेट तिराहे पर शुक्रवार को एक संप्रदाय का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया था।
विहिप नेता दिग्विजय नाथ तिवारी (पूर्व महानगर सह संयोेजक), प्रांत सह संपर्क प्रमुख रवि दुबे, संक्रेश शर्मा, पप्पू ठाकुर (राजेश्वर नगर अध्यक्ष), बाबा डिश वाला नौमी जैन, विजय भदौरिया को नामजद किया है। वहीं 50-60 अज्ञात हैं। थानों की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है।
यह लगाई गईं धाराएं
मुकदमे मेें 147, 341, 295-अ (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना), 323, 332, 353 आईपीसी और सात क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट में कार्रवाई की गई है।
पुलिस के पास फुटेज
कलेक्ट्रेट तिराहे पर हुए बलवे के मामले में पुलिस के पास आठ फुटेज हैं। इनमें मोबाइल की रिकॉर्डिंग और वीडियो फुटेज तक शामिल हैं। पुतला जलाने के दौरान कौन-कौन शामिल था? पुलिस को किसने रोका? इसके लिए सभी फुटेजाें को देखा जा रहा है। चेहरे पहचानकर मुकदमे में नामों को बढ़ाया जाएगा।
केबल नेटवर्क बंद
मुकदमे में नामजद नौमी जैन के पिता का बाबा डिश वाले के नाम से काम है। नौमी प्रदर्शन के दौरान सबसे आगे रहा था। पुलिस ने उसी पर शिकंजा कसा है। शनिवार को उसका केबल नेटवर्क बंद कर दिया गया। इसके साथ ही उसके पिता को भी पुलिस थाने ले आई। उन पर नौमी को थाने बुलाने का दबाव बनाया गया। हालांकि उन्होंने कह दिया, उनका बेटे से कोई नाता नहीं है।
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