आगरालीक्स.. आगरा में थैन्क यू इंडिया बुक में जर्मन मूल की निवासी मारिया ने अपने अनुभव साझा किए हैं। जर्मन की मूल निवासी मारिया विर्थ वाइल्ड लाइफ सेन्चुरी पर काम कर रही अपनी मित्र के साथ 1980 में भारत आयी। उनकी मित्र तो वापस चली गईं लेकिन उन्हें भारतीयता ने इतना प्रभावित किया वह यहीं की हो गईं। विवेकानन्द की किताबों ने उन्हें प्रभावित किया। देवराह बाबा, श्रीश्रीरविशंकर, बाबा रामदेव, आनन्दामाई मां के पास रहकर सनातन धर्म और भरत को जाना। भारतीय जीवन के 39 वर्ष के अपने नुभवों को अन्होंने थैन्क यू इंडिया पुस्तक में साझा किया।
इंडिक एकेडमी द्वारा मारिया की पुस्तक थैंक यू डिया का विमोचन आज इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टैक्नोलॉजी, खंदारी कैम्पस में किया गया। मारिया ने कहा कि मैंने जाना कि हिन्दू धर्म कभी यह नहीं कहता कि मुझसे बंधकर रहोगे तभी तुम्हारा उद्धार होगा। हिन्दू धर्म कहता है कि अपने कर्म अच्छे रखो। जिसकी आत्मा पवित्र है, उसका हमेशा भला ही होगा। योग आत्मा को परमात्मा से मिलाता है। भारत की आत्मा को कुम्भ मेले से जाना जा सकता है। बीबीसी की डॉक्यूमेन्टरी व जर्मन के समाचार पत्र (nvrembereer nacnrichten) के लेख का उल्लेख करते हुए कहा कि रेप के मामलों को गलत तरीके के प्रस्तुत कर भारत की छवि बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
केन्द्रीय हिन्दी संस्थान की रजिस्टार बीना शर्मा ने स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनका स्वागत किया। संचालन इंडिक एकेडमी के विकास सारस्वत ने किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से अमित जैसवाल, डॉ. अरुण सिकरवार, ठाकुर सिंह, सुमित भाटिया, विपुल बंसल, विजय बंसल, प्रमोद चौहान आदि उपस्थित थे।