आगरालीक्स.. (शरद माहेश्वरी की ग्राउंड जीरो रिपोर्ट)..आगरा के छोटे से गांव की तस्वीर बदल गई, गांव की डलिया की दुनिया भर में मांग, 40 से 1800 रुपये की डलिया।
पालीथिन और प्लास्टिक मुक्त देश में आगरा की डलिया छाई हैं। पूरा गांव डलिया बना रहा है, एक दिन में एक हजार से ज्यादा डलिया तैयार हो रही हैं।
आगरा की सीमा पर छोटा से गांव पीलीपोखर है, इस गांव में 300 परिवार हैं। इन परिवारों में पांच से छह सदस्य डलिया बनाने का काम कर रहे हैं। बदलते समय को देखते हुए डलिया में कई तरह के बदलाव किए हैं, छोटी डलिया से लेकर बडी डलिया तैयार की है। इन डलियों की मांग तेजी से बढी है।

एक बार में 20 हजार डलिया की सप्लाई
यहां से एक बार में 20 हजार डलिया सप्लाई हो रही हैं, दिल्ली, राजस्थान की बडी मंडी से कारोबारी डलिया बनाने का आर्डर देते हैं। उनके आर्डर पर यह डलिया तैयार कराई जा रही हैं।
विदेशों में भी पहुंच रही डलिया
आगरा की डलिया विदेशों में भी पहुंच रही है। फीरोजाबाद में कांच की बोतल बनाने में डलिया का इस्तेमाल किया जा रहा है, इनकी सप्लाई विदेशों में की जा रही है।
कौन की मजदूरी करें, हमाई तो डलिया चल गई
गांव के रनवीर सिंह का कहना है कि कौन की मजदूरी करें, हमारी तो डलिया खूब चल रही है, घर बैठे बैठे आर्डर मिल रहे हैं। सबेरे से सांझ तक 10 ते 15 डलिया बना लेत हैं, 15 साल का छोरा और 60 साल का बुजुर्ग हू डलिया बना रहो है।
सरकार कछू तो मदद करे
गांव के राधा क्रष्ण, छोटे लाल और बीरपाल कहते हैं कि सरकार है हू मदद करनी चाहें, जाते ते जे डलिया दूर दूर तक जा सके।