आगरालीक्स….(2 August 2021 Agra News) आगरा में यमुना नदी उफान पर है तो मथुरा में रौद्र रूप में. नदी किनारे बनी कॉलोनियों में घुसने लगा पानी. जानिए क्यों बन रहे बाढ़ जैसे हालात
ब्रज में इस समय यमुना नदी उफान पर बह रही है. चार दिन पहले हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से 1.20 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद शनिवार को भी हाथिनी कुंड से 31122 क्यूसेक और ओखला बैराज से 3,780 क्यूसेक पानी यमुना में छोड़ा गया. इससे यमुना उफान पर आ गई है. आगरा और मथुरा जिले में नदी के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ के हालात बन गए हैं. हालात को देखते हुए सिंचाई विभाग की टीमें अलर्ट हो गई हैं.
मथुरा में रौद्र रूप
हरियाण के हथिनी कुंड से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण मथुरा में यमुना नदी इस समय रौद्र रूप में बह रही है. यहां खतरे के निशन से कुछ ही दूरी पर यमुना का जलस्तर पहुंच गया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सोमवार को तो वृंदावन के खादर क्षेत्र स्थित रशियन बिल्डिंग के आसपास की कालोनियों में पानी भर गया. इसके अलावा देवराहा बाबा घाट, केसी घाट और कुंभ मेला क्षेत्र में भी यमुना का पानी पहुंच गया है. ये सब डूब गए हैं. यमुना का रौद्र रूप देखकर नदी किनारे रहने वाले लोगों में खलबली मच गई है. इधर बाढ़ के खतरे को भांपते हुए सिंचाई विभाग अलर्ट हो गया और गोकुल बैराज के 14 गेट खोलकर लगभग 42 हजार से अधिक क्यूसेक पानी आगरा की ओर छोड़ा गया है.
आगरा में भी यमुना उफान पर
इधर गोकुल बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद से यमुना नदी भी उफान पर बह रही हे. बताया जाता है कि सोमवार को बल्केश्वर इलाके के खेतों में बाढ़ का पानी बढ़ गया है. वाटरवक्र्स स्थित खतरे के निशान से कुछ दूरी पर यमुना का जलस्तर पहुंच गया है. आगरा का सिंचाई विभाग भी लगातार यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर पर अपनी नजर रखा हुआ है. तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को पहले से ही सचेत कर दिया गया है. टूंडला में भी जलस्तर बढ़ने से खादर में सैकड़ों बीघा फसल में यमुना का पानी पहुंच गया जिससे किसानों की सब्जियों के साथ बाजरा, मक्का, सब्जियां आदि की फसल बर्बाद हो रही है.