आगरालीक्स.(Agra News 7th June).आगरा के एक कोविड हॉस्पिटल में डॉक्टर और आईसीयू स्टाफ की बातचीत का वीडियो, माकड्रिल की, पांच मिनट के लिए बंद की आक्सीजन, 96 में से 22 मरीजों का शरीर पडा नीला, छंट गए.
आगरा में कोरोना की दूसरी लहर में अप्रैल में केस बढने के साथ ही आक्सीजन की कमी हो गई। 23 अप्रैल से 31 अप्रैल तक आक्सीजन की कमी रही, इस दौरान हास्पिटल में मरीजों की मौत भी हुई।
वायरल वीडियो में डॉ अरिंजय जैन अपने आईसीयू स्टाफ से कह रहे पांच मिनट के लिए आक्सीजन की बंद
26 अप्रैल का श्री पारस हॉस्पिटल, भगवान टॉकीज का वीडियो वायरल हुआ है, इसमें डॉ अरिंजय जैन अपने आईसीयू स्टाफ से कहर रहे हैं कि 96 मरीज भर्ती थे और 12 घंटे के लिए आक्सीजन थी, 26 अप्रैल को सुबह सात बजे मॉकड्रिल की, इसका सिकी को पता नहीं है। पांच मिनट के लिए आक्सीजन बंद कर दी।
22 मरीज छट गए, शरीर पड गया नीला
वीडियो में डॉक्टर अरिंजय जैन कह रहे हैं कि आक्सीजन बंद करते ही 22 मरीज छट गए, इनका शरीर नीला पड गया। इसके बाद तीमारदारों से कहा कि अपने स्तर से आक्सीजन सिलेंडर का इंतजाम करो, इसके बाद लोग सिलेंडर लाने लगे, इसने सबसे ज्यादा काम किया।
वीडियो की बातों को गलत पेश किया जा रहा
डॉ अरिंजय जैन का agraleaks.com से कहना है कि वीडियो डेढ महीने पुराना है मैं अपने आईसीयू स्टाफ से बात कर रहा था, उस समय आक्सीजन की कमी थी, इसलिए मॉकड्रिल कर यह देखा गया कि किन मरीजों को आक्सीजन की ज्यादा जरूरत है, उनके लिए वैकल्पिक इंतजाम किए जा सकें। जिससे मरीजों की जान बच जाए। उस दिन कोरोना पॉजिटिव तीन मरीजों की मौत हुई थी। लेकिन पेश ऐसे किया जा रहा है कि 22 मरीजों की मौत हो गई, यह गलत है और साजिश है।
आक्सीजन की कमी होने पर अस्पतालों में हुई थी मौत
आगरा में अप्रैल के अंतिम सप्ताह में आक्सीजन की कमी होने से हाहाकार मच गया था, हास्पिटल में मरीजों की मौत हुइ थी, तीमारदारों से कहा गया कि वे आक्सीजन सिलेंडर लेकर आएं। खुद ही लोग आक्सीजन सिलेंडर लेकर आए। कई दिन तक यही हाल रहा था।