वृंदावनलीक्स संत प्रेमानंद महाराज गुरु पूर्णिमा पर्व पर 23 से 29 जुलाई तक बेलवन में दीक्षित शरणागत शिष्यों को दर्शन देंगे। जानें क्या की गई है दर्शन की व्यवस्था।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, श्रीहित राधा केलिकुंज परिकर की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, पहली बार संत प्रेमानंद महाराज अपने देश विदेश में रह रहे अपने दीक्षित शरणागत परिकर यानी शिष्यों को श्रीहित राधा केलिकुंज की जगह बेलवन के यमुना विहार कुंज में दर्शन देंगे। स्वास्थ्य की अनुकूलता के चलते दर्शन स्थल में बदलाव किया गया है। अब बेलवन संत प्रेमानंद के अनुयायियों के लिए आस्था का नया केंद्र बन गया है।
23 से 29 जुलाई तक देंगे दर्शन
23 से 29 जुलाई तक प्रतिदिन सुबह 4.30 बजे से 5.30 बजे तक यमुना विहार कुंज बेलवन में महाराजश्री दर्शन देंगे, सुबह सात से 10 बजे तक श्रीहित राधा केलिकुंज में गुरु चरण पादुका पूजन का आयोजन किया जाएगा। सायंकाल 3.30 बजे से 6.30 बजे तक श्रीवृंदावन महिमा एवं निकुंज लीला पर आधारित सत्संग, संध्या आरती और नाम संकीर्तन होगा।
ये की गई है बेलवन में सुबह 4.30 बजे से 5.30 बजे तक दर्शन की व्यवस्था व्यवस्था
23 जुलाई एनसीआर, हरियाणा और कर्नाटक के दीक्षित शिष्य
24 जुलाई दिल्ली, गुजरात, छत्तीसगढ़, जम्मू कश्मीर, आंध्र प्रदेश और केरल
25 जुलाई पंजाब, मध्य प्रदेश और झारखंड
26 जुलाई उत्तर प्रदेश के सभी जिले
27 जुलाई बिहार, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, ओडिशा, असम और तेलंगाना
28 जुलाई को वृंदावनवासी शिष्य परिकर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडू और गोव
29 जुलाई विरक्त परिकर को श्रीहित राधा केलिकुंज में महाराजश्री के पूजन व दर्शन का लाभ प्राप्त होगा।