आगरालीक्स… आगरा मां और दो बेटियों के शव मिलने से गमजदा है, तीन साल की कायरा दुनिया में नहीं रही, उसका जन्मदिन स्कूल में मनाया गया, आंखों से आंसू और कलेजा फटा जा रहा था, हर कोई कह रहा था कि हे भगवान ये क्या हुआ।
आगरा की पॉश कॉलोनी 131 पांडव नगर शाहगंज में कारोबारी रोहित धूपड की जयपुर हाउस में तितली गार्मेंट्स के नाम से दुकान है। पास में ही उनके पिता डॉ. नवीन धूपड़ का दवाखाना है। 24 फरवरी रात को नवीन और उनकी पत्नी विमल दवाखाने पर थीं और रोहित धूपड गारमेंट शोरूम पर थे। उनके घर पर रोहित की पत्नी रितु (38) और दो बेटियां कायरा (3), सचिका (6) घर में थीं।
रितु का मायका करहल में है। सात बजे रितू को उनकी मां राजारानी ने फोन किया लेकिन नहीं उठा, उन्होंने दामाद रोहित को बताया कि रितू का फोन नहीं उठ रहा है। रोहित ने पड़ोस में महिला से कहा कि वहां जाकर देखा।कोठी का अंदर का गेट बंद था। रितू को आवाज लगाई। जवाब न आया। इस पर रोहित ने पुलिस को बुलाया। पुलिस के पहुंचने के बाद कोठी का दरवाजा तोडकर अंदर घुसे, वहां कोई दिखाई नहीं दिया, इसके बाद बाथरूम का दरवाजा तोडा। बाथरूम में रितू, कायरा, सचिका के शव नहाने की अवस्था में पडे हुए थे।
स्कूल में मना जन्मदिन
तीन साल की कायरा दिशा किडस किंगडम स्कूल, न्यू शाहगंज में मनाया गया। बुधवार को उसका जन्मदिन था। बच्चे घर से कायरा का नाम लिखे हुए गुब्बारे लेकर स्कूल पहुंचे, कायरा के पिता रोहित, दादा नवीन भी आए। बच्चों के साथ कायरा के जन्मदिन का केक काटते ही अश्रुधारा से तन मन भीग गया। दर्द इतना था कि जुबान साथ नहीं दे रही थी, शरीर थर थर कांप रहा था।
गीजर से मौत की आशंका
पुलिस ने तीनों के शव पोस्टमार्टम भेज दिया, बाथरूम में पानी गरम करने के लिए गैस गीजर लगा हुआ था, इसके लिए एलपीजी का सिलेंडर इस्तेमाल किया जा रहा था, सिलेंडर खाली थी और पानी की टंकी भी खाली हो गई थी। आशंका है कि एलपीजी के लीकेज होने से आक्सीजन की कमी होती गई और कार्बन डाई आक्साइड और कार्बन मोनो आक्साइड से रितु और उनकी दोनों बेटियां बेहोश हो गईं और मौत हो गई, उनको गेट खोलने तक का मौका नहीं मिला। पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। इसके बाद तीनों के विसरा प्रिजर्व कर रखे गए हैं, जिससे मौत का कारण पता चल सके