आगरालीक्स…(5 February 2022 Agra News) आगरा में आटो चालक की मौत के बाद पत्नी व चारों बेटियों ने किया सामूहिक आत्मदाह का प्रयास. लोगों के साथ किया प्रदर्शन. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर भांजी लाठियां…कई हिरासत में
आगरा में चार दिन पहले पुलिस के दौड़ाने के दौरान हुई आटो चालक की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में परिजनों में अभी भी आक्रोश व्याप्त है. शनिवार को मृतक के परिजनों ने क्षेत्र के लोगों व महिलाओं के साथ मिलकर प्रदर्शन किया. इस दौरान पुलिस ने उन्हें वहां से हटाना चाहा तो मृतक की पत्नी और चार बेटियों ने सामुहिक आत्मदाह का प्रयास किया. उन्होंने अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ उड़ेल लिया. पुलिस ने किसी तरह उनको रोका और प्रदर्शनकारियों को वहां से लाठी भांजकर हटाया. पुलिस ने कई लागों को हिरासत में भी लिया है. बता दें कि इस मामले में पुलिस पहले शव छीनकर पोस्टमार्टम कराने और फिर जबरन परिवार के बिना मासूम बच्चे से मृतक का अंतिम संस्कार करवा चुकी है.

बीते मंगलवार को आगरा के हरीपर्वत क्षेत्र के मंडी सईद खां में रहने वाले आटो चालक भगवान सिंह राठौर का शव एक अन्य आॅटो चालक द्वारा एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में पहुंचा था. परिजनेां ने इस मामले में पुलिस पर हत्या का आरोप लगाया है. परिजनों का आरोप है कि आटो चालक की मौत् पुलिस की पिटाई से हुई है. हालांकि पुलिस इस मामले में साफ कर चुकी है कि संजय प्लेस में जुआ खेलने के दौरान पुलिस की गाड़ी का हॉर्न सुनकर सभी लोग भागे और इस दौरान गिर जाने से घायल होकर आटो चालक की मौत हो गई थी. एसएन इमरजेंसी में परिजन स्ट्रेचर पर ही शव को घर ले जाने लगे लेकिन राजा की मंडी पर पुलिस ने इन्हें रोक लिया. खींचातानी के दौरान पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पेास्टमार्टम के लिए भिजवाया. अगले दिन सुबह पुलिस ने उसके पांच साल के बच्चे से मृतक का अंतिम संस्कार करवाया. परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने जबरन अंतिम संस्कार कराया है.
चुनाव बहिष्कार का ऐलान
इधर आक्रोशित मोहल्ले वालों ने यहां से चुनाव बहिष्कार का ऐलान किया है. मोहलले वालों ने भाजपा नेता से बहस करने के बाद वर्तमान विधायक योगेंद्र उपाध्याय पर सिर्फ वोट मांगने के लिए आने का आरोप लगाया था. इस मामले में एसपी सिटी ने पूरी जांच के आदेश दिए हैं.स्थानीय लोग मृतक की पत्नी को नौकरी और आर्थिक मदद के साथ दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. आज शनिवार को लोगों ने हरीपर्वत थाने का घेराव करने के लिए प्रदर्शन किया तो पुलिस ने वहां पहुंचकर महिलाओं और बच्चों को रोकना चाहा. इस दौरान मृतक की पत्नी और चारों बेटियों ने अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने किसी तरह उन्हें रोक लिया. इस मामले में पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है.