आगरालीक्स…सिर्फ मुंह, ब्रेस्ट, ब्लड और लंग का ही नहीं होता कैंसर…200 से भी अधिक प्रकार का होता है ये रोग…आगरा में सबसे ज्यादा इस कैंसर के है मरीज…
कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जिसमें थोड़ी सी लापरवाही जान जाने तक पहुंच जाती है. हालांकि अगर शुरुआत में इस बीमारी का पता चल जाए तो इसका उपचार उपलबध है. क्रिकेटर युवराज सिंह, एक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे इस बीमारी को मात देकर आए भी हैं. लेकिन अभी भी आम लोगों के लिए कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसका नाम सुनते ही लोग जिंदगी से निराश होने लगते हैं, क्योंकि इसका इलाज महंगा है और देश में कुछ ही स्थानों पर इसका सही उपचार होता है. ऐसे में हम जानते हैं कि आखिर कैंसर कितने प्रकार का होता है. आम तौर पर लोग केवल मुंह का कैंसर, फेंफड़ों का कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर के बारे में ही अधिक जानते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि ये कैंसर 200 से भी अधिक प्रकार का होता है. चिकित्सकों के अनुसार इनमें से ज्यादातर कैंसर ऐसे हैं जो कि जागरूक होने पर इसे पनपने से रोक सकते हैं.
आगरा में 1500 से अधिक कैंसर मरीज
आगरा की एसएन मेडिकल काॅलेज की कैंसर रोग विशेषज्ञ डाॅ. सुरभि गुप्ता ने बताया कि आगरा रीजन में सबसे अधिक मुंह के कैंसर के मरीज हैं. इसके अलावा सर्वाइकल कैंसर और ब्रेस्ट कैंसर के मरीजों की भी संख्या लगातार बढ़ रही है. आगरा में इस समय 1500 से अधिक कैंसर मरीज है. ये संख्या वो है जो कि एसएन मेडिकल काॅलेज में रजिस्टर्ड है.
आगरा में कैंसर के इतने हैं मरीज
756 मुंह के कैंसर
201 सर्वाइकल कैंसर
165 स्तन कैंसर
400 अन्य कैंसर मरीज
वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक स्तन कैंसर
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मंगलवार (2 फरवरी) को कहा कि स्तन कैंसर फेफड़ों के कैंसर से आगे निकल चुका है. डब्लूएचओ के कैंसर विशेषज्ञ, आंद्रे इलबावी ने गुरुवार (4 फरवरी) को विश्व कैंसर दिवस के पहले एक ब्रीफिंग के दौरान कहा, “पहली बार, स्तन कैंसर अब वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक होने वाला कैंसर है।” उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में फेफड़े का कैंसर सबसे आम प्रकार था लेकिन अब स्तन कैंसर सबसे अधिक हो गया है. उन्होंने कहा कि महिलाओं में मोटापा स्तन कैंसर का सामान्य जोखिम कारक है.