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World Diabetes Day (14 November 2024): Be sure to get tested for diabetes during pregnancy

आगरालीक्स..गर्भावस्था में जरूर कराएं डायबिटीज की जांच, जच्चा—बच्चा पर पड़ सकता है असर. विश्व मधुमेह दिवस (14 नवम्बर 2024) पर स्वास्थ्य विभाग ने दी महत्वपूर्ण जानकारियां

गर्भावस्था के दौरान मधुमेह नियंत्रित न हो तो यह गर्भवती के साथ-साथ पैदा होने वाला शिशु के लिए भी मुसीबत बन सकती है। इसलिए गर्भावस्था की पहली तिमाही के दौरान ही गर्भवती को अपनी प्रसव पूर्व जांच करानी चाहिए। इस दौरान रैंडम ब्लड शुगर (आरबीएस) जांच कराई जाती है। जिन गर्भवती में गर्भावस्था में मधुमेह की पुरानी पृष्ठभूमि रही है उनकी प्रथम त्रैमास में ही मधुमेह की सम्पूर्ण जांच कराई जाती है और अन्य गर्भवती की भी दूसरे त्रैमास में मधुमेह की पूरी जांच कराई जाती है ।

बच्चों को टाइप-दो मधुमेह होने की आशंका
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने सभी गर्भवती महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि सभी गर्भवती महिलाएं गर्भावस्था की पहली तिमाही से ही अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर प्रसव पूर्व जांच अवश्य कराएं। यह जच्चा और पैदा होने वाले बच्चे दोनों के लिए लाभदायक है। उन्होंने बताया कि गर्भावधि मधुमेह में रक्त शर्करा का मान सामान्य से अधिक होता है लेकिन मधुमेह के निदान से कम हो जाता है। गर्भावधि मधुमेह सिर्फ गर्भावस्था के दौरान ही होता है। इससे पीड़ित महिलाओं को गर्भावस्था और प्रसव के दौरान जटिलताओं का खतरा बढ़ जाता है। इन महिलाओं और संभवतः उनके बच्चों को भी भविष्य में टाइप-दो मधुमेह की आशंका अधिक होती है। गर्भावधि मधुमेह का निदान लक्षणों के आधार पर नहीं, बल्कि प्रसवपूर्व जांच के माध्यम से किया जाता है, इसलिए प्रत्येक महिला को गर्भावस्था का पता चलते ही नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर तुरंत जांच करानी चाहिए। सरकारी अस्पतालों पर न सिर्फ जांच की सुविधा है, बल्कि गर्भावस्था में मधुमेह का पता चलने पर जांच के साथ साथ कुशल इलाज व प्रबंधन से सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित कराया जा रहा है।

एसीएमओ आरसीएच डॉ. संजीव वर्मन ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान मधुमेह के मामले औसतन दस फीसदी से भी कम आते हैं, लेकिन इन मामलों में सतर्कता अधिक जरूरी है। मधुमेह पाए जाने पर गर्भवती को उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) की श्रेणी में रखा जाता है और सुरक्षित प्रसव होने तक उनकी नियमित निगरानी की जाती है। उन्हें मधुमेह की दवाएं भी चलाई जाती हैं। अगर गर्भधारण करने के पहले से ही महिला मधुमेह पीड़ित है तो गर्भावस्था के दौरान उसे चिकित्सकीय देखरेख में अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी। मधुमेह पीड़ित महिला को गर्भधारण में भी परेशानी हो सकती है।

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