आगरालीक्स ….आगरा में यमुना डूब क्षेत्र का छह महीने में होगा निर्धारण, डूब क्षेत्र में नहीं होंगे निर्माण। ताजमहल के 500 मीटर दायरे में जेसीबी से खोदाई पर रोक।

आगरा के पर्यावरण कार्यकर्ता डॉ. शरद गुप्ता ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में ताजमहल संरक्षित वन क्षेत्र के साथ ही यमुना के डूब क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायत की थी। इस मामले न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद ने मंगलवार को मामले पर सुनवाई की। एनजीटी ने छह महीने में यमुना के डूब क्षेत्र को निर्धारित करने का आदेश किया। डूब क्षेत्र का निर्धारण जल शक्ति मंत्रालय के सहयोग से किया जाएगा। यमुना का डूब क्षेत्र निर्धारित होने के बाद अवैध निर्माण व खनन पर रोक लग सकेगी। इसके साथ ही ताजमहल के 500 मीटर के दायरे में जेसीबी से खोदाई की भी शिकायत की गई थी, इस मामले में भी ताजमहल के 500 मीटर दायरे में जेसीबी से खोदाई पर रोक लगा दी गई है।