आगरालीक्स…(28 January 2022 Agra News) आगरा की नौ विधानसभा सीट पर मुकाबले की तस्वीर साफ हो चुकी है. 107 प्रत्याशी दिखाएंगे अपना दम. जानें सबसे अधिक प्रत्याशी किस सीट पर
नाम वापसी के बाद चुनाव प्रचार में जुटे प्रत्याशी
आगरा जनपद की नौ विधान सीटों पर मुकाबलों की तस्वीर साफ हो गयी है। नाम वापसी के बाद नौ सीटों पर 107 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें प्रमुख दलों के प्रत्याशियों के अलावा निर्दलीय प्रत्याशी शामिल हैं। नाम वापसी के बाद सघन जनसंपर्क का दौर शुरू हो गया है। सभी नौ सीटों पर मतदान के पहले चरण में दस फरवरी को वोट डाले जायेंगे जबकि वोटों की गिनती दस मार्च को होगी।
सबसे ज्यादा एत्मादपुर और बाह में प्रत्याशी
सबसे ज्यादा प्रत्याशी एत्मादपुर और बाह विधान सभा क्षेत्र में हैं। दोनों ही जगह पर 14-14 प्रत्याशी मैदान में हैं। आगरा उत्तर, खेरागढ़ और फतेहाबाद विधान सभा क्षेत्र में 13-13 प्रत्याशी मुकाबले में हैं। सबसे कम 9 प्रत्याशी आगरा ग्रामीण विभान सभा क्षेत्र में हैं। आगरा छावनी और आगरा दक्षिण में दस-दस प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं जबकि फतेहपुरसीकरी में 11 प्रत्याशी मुकाबले में हैं।

मुख्य दलों के साथ आम आदमी पार्टी भी मैदान में
सत्तारूढ़ भाजपा के अलावा कांग्रेस, सपा-रालोद गठबंधन और बसपा ने सभी नौ सीटों पर अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। आम आदमी पार्टी (आप) उत्तर प्रदेश में पहली बार चुनाव लड़ रही है। आप ने आगरा की फतेहपुर सीकरी विधान सभा क्षेत्र को छोड़कर आठ सीटों पर अपने प्रत्याशी मुकाबले में खड़े किये हैं। आप हालांकि पहली बार चुनाव लड़ रही है लेकिन उसके प्रत्याशी पूरे जोश के साथ चुनाव लड़ रहे हैं।
नाम वापसी के बाद प्रत्याशी प्रचार के मैदान में कूद पड़े हैं। अपने क्षेत्र में समर्थकों के साथ जनसंपर्क किया जा रहा है। हालांकि जनसंपर्क में भीड़भाड़ नजर नहीं आ रही है। प्रत्याशी गिने-चुने समर्थकों के साथ प्रचार कर रहे हैं। दलीय प्रत्याशियों में भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को बूथ वार प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी है। सपा-रालोद गठबंधन और बसपा के प्रत्याशी भी विधान सभा क्षेत्र वार प्रचार अभियान में जुटे हैं।
जनसंपर्क से पहले प्रभावशाली लोगों से संपर्क
प्रचार के दौरान उन क्षेत्रों पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है जहां पार्टी समर्थक जातियों के वोटों की संख्या अधिक है। पार्टी प्रत्याशी अपने गढ़ों में जनसंपर्क पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। क्षेत्र में जनसंपर्क शुरू करने से पहले क्षेत्र के प्रभावशाली लोगों से संपर्क साधा जा रहा है। प्रत्याशी उन्हें अपने साथ लेकर जनसंपर्क कर रहे हैं। जनसंपर्क के साथ क्षेत्रवार बैठकों का दौर भी शुरू हो गया है। मौहल्लों- मौहल्लों में बैठकें की जा रही हैं। साथ ही जातीय संगठन भी सक्रिय हो गये हैं। जातीय आधार पर भी वोटों के लिए जनसंपर्क किया जा रहा है। संगठनों द्वारा प्रत्याशियों को समर्थन दिये जाने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। गांवों में तेजी से जनसंपर्क का सिलसिला शुरू हो गया है। गांव-गांव प्रत्याशियों की गाड़ियां दौड़ती नजर आ रही हैं।