
उधर, सरकारी महकमे से हिरयाली की आस छोड चुके आगरवासी बारिश से ठीक पहले अपने घर को हरा भरा करने में जुटे हैं। वे नर्सरी से पौधे खरीद कर ला रहे हैं, यही नहीं बॉलकनी से लेकर छत पर लोग गार्डन विकसित करने लगे हैं। वहीं, जिन लोगों के घर बडे हैं, उन्होंने पौधों और घास को सही रखने के लिए बाजार से औजार खरीदना शुरू कर दिया है। उन्हें बस बारिश का इंतजार है, इसके बाद शहर में जगह जगह घर और फ्लेट हरे भरे दिखाई देंगे, जबकि वन विभाग पौधा रोपण के लिए मानसून आने के बाद गडढे खुदवाएगा, जब तक पौधारोपण होगा तब तक सर्दी आ चुकी होंगी और हर बार की तरह 100 में से 80 पौधे खराब हो जाएंगे, यही नहीं एक पौधे लगाकर बताया जाएगा कि 10 पौधे लगा दिए गए हैं।
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