आगरालीक्स…आगरा के 168 शिक्षकों की डिग्री फर्जी होने पर सेवाएं हुईं समाप्त. डॉ. भीमराव आंबेडकर यूनिवर्सिटी से बीएड 2004—05 में फर्जी प्रमाण पत्र से पाई थी नौकरी. जानिए पूरी खबर
आगरा की डॉ. भीमराव आम्बेडकर यूनिवर्सिटी की बीएड की फर्जी मार्कशीट से नौकरी कर रहे आगरा के 168 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं. फरवरी माह में ही इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने डॉ. भीमराव आम्बेडकर यूनिवर्सिटी के बीएड सत्र वर्ष 2004—05 में फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर प्रदेश के अलग—अलग प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्त 2823 सहायक अध्यापकों की बर्खास्तगी के आदेश को सही बताते हुए हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था. आगरा जिले में ऐसे 171 शिक्षकों के नाम सामने आए थे. इनमें से बेसिक शिक्षा अधिकारी ने आगरा के 168 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने के आदेश जारी कर दिए हैं. दो शिक्षकों के नाम फर्जी शिक्षकों की सूची में नहीं है जबकि एक शिक्षक को विवि अपना पक्ष रखने का मौका देगा.
फरवरी में हाईकोर्ट के निर्णय से बर्खास्त शिक्षकों को निराश होना पड़ा था. वहीं कोर्ट ने मार्कशीट से छेड़छाड़ करने के आरोपी 812 सहायक अध्यापकों को कोर्ट ने थोड़ी राहत दी थी. कोर्ट ने कहा है कि जांच पूरी होने तक इनकी बर्खास्तगी को स्थगित रखा जाए. इन्हें चार माह तक वेतन पाने के साथ ही कार्य करने का भी निर्देश दिया. कोर्ट ने जांच की निगरानी कुलपति को सौंपते हुए कहा है कि जांच में देरी हुई तो उन्हें वेतन पाने का हक नहीं होगा. जांच की अवधि नहीं बढ़ेगी. 7 अभ्यर्थी ऐसे भी थे जिन्होंने कोर्ट में अपने दस्तावेज पेश किए. हाईकोर्ट ने एक माह का समय सत्यापन के लिए दिया है. कोर्ट ने कहा है कि अगर दस्तावेज सही है तो बर्खास्तगी रद की जाए.