आगरालीक्स …यह पब्लिक है सब जानती है, गुरमीत राम रहीम को 20 साल की सजा सुनाए जाने के बाद पब्लिक के रिएक्शन देखें, खुद को भगवान मानने वाले राम रहीम के पोस्टर कूडे में पडे हैं,, ऐसे फोटो सोशल साइटस पर वायरल हो रहे हैं। इसके साथ ही गुरमीत राम रहीम को लेकर तमाम तरह के कार्टून भी सोशल साइट पर चल रहे हैं। इन पर पब्लिक का रिएक्शन भी आ रहा है।
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के लिए सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने सोमवार को 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई है, रेप को दो मामलों में उनको 10-10 साल की जेल की सजा मिली है.साथ ही 15-15 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, यह पीड़िता को दिया जाएगा. वैसे उम्र कैद में कैदी को 14 साल के लिए जेल भेजा जाता है।
पंचकुला स्थित गुरमीत राम रहीम का महल
सोशल साइट पर एक वीडियो वायरल हुआ है, इस वीडियो में पुलिस दिखाई दे रही है, यह पंचकुला स्थित गुरमीत राम रहीम की गुफा की है, इस गुफा में लग्जरी सामान रखे हुए हैं, वीडियो में पुलिस दरवाजे को तोड कर राम रहीम के बेड रूम में गए।
गुरमीत राम रहीम के कंधे पर आसाराम

सीबीआई कोर्ट ने दो साध्वियों के साथ रेप में दोषी कराए दिए जाने के बाद से गुरमीत राम रहीम पब्लिक के निशाने पर है, इसे लेकर तमाम तरह के कमेंट, वीडियो और फोटो सोशल साइटस पर वायरल हो रहे हैं, एक फोटो में गुरमीत राम रहीम के कंधे पर आसाराम हैं तो दूसरे फोटो में गाडी से गुरमीत राम रहीम बंधे हुए हैं, इसी तरह से गुरमीत राम रहीम के ड्रेसिंग सेंस और जेल के अंदर की हालत के फोटो भी वायरल हो रहे हैं।
बीबीसी हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, सजा सुनाते समय कहा गया कि दोषी (गुरमीत राम रहीम) ने एक ‘जंगली जानवर’ की तरह बर्ताव किया और अपनी ‘पवित्र’ महिला अनुयायियों को भी नहीं बख़्शा.”
पीड़िताओं ने गुरमीत राम रहीम को ईश्वर जैसा सम्मान दिया, लेकिन गुरमीत ने उनके साथ सबसे गंभीर क़िस्म का अपराध किया.”
वह शख़्स जिसे मानवता की कोई चिंता नहीं है और जिसके स्वभाव में कोई दया नहीं है, वह उदारता के लायक नहीं है.”
धार्मिक संस्था के प्रमुख बताए जाने वाली शख़्सियतों के ऐसा आपराधिक कृत्य देश के पवित्र आध्यात्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संस्थानों की छवि बहुत पहले से बर्बाद करते आ रहे हैं.”
दोषी के कामों से इस प्राचीन भूमि की विरासत को अपूरणीय क्षति हुई है.”
इस मामले के तथ्यों और हालात को ध्यान में रखते हुए कोर्ट को लगता है कि अगर दोषी के अपनी महिला अनुयायियों का यौन शोषण और उन्हें अंजाम भुगतने की धमकी देने की बात को मद्देनज़र रखें तो ऐसा आदमी अदालत की उदारता के क़ाबिल नहीं है.”