आगरालीक्स …आगरा में रिटायर फौजी ने अपने फौजी बेटे के निधन पर लॉक डाउन का पालन किया, कोरोना को मात देने के लिए नम आंखें और भरे गले से कहा मेरे लाल के अंतिम दर्शन को ना आएं, अपने घर पर ही रहें।
आगरा के बाह के गांव विक्रमपुर निवासी सेना से रिटायर सुदान सिंह के बेटे हवलदार निशान सिंह 40 कारगिल और कुपवाडा में तैनात रहे, वहां उनको कुछ परेशानी हुई। इसके बाद राजपूत रेजीमेंट लखनऊ पॉस्टिंग हो गई, वे अपना इलाज भी करा रहे थे। यहां शुक्रवार को ब्रेन हेमरेज से उनका निधन हो गया, शनिवार को सैन्य कर्मी अंतिम सलामी देने के बाद उनका शव लेकर गांव पहुंचे। यहां हवलदार निशान सिंह के अंमित दर्शन के लिए लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। ऐसे में उनके पिता सेना से रिटायर सुबेदार सुदान सिंह ने लोगों से हाथ जोडकर कहा कि वे अपने घर पर ही रहें, यह बडा सम्मान है, इस समय कोरोना से भी जंग लडनी है इसलिए लॉक डाउन का पालन करें। गांव में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
नवोदय के पूर्व छात्र निशान सिंह अच्छे एथलीट थे
निशान सिंह ने अपनी पढाई नवोदय विद्यालय कोलारा कला से पूरी की, वे 1997 बैच के 12 वीं के पास आउट थे। निशान सिंह एक अच्छे एथलीट थे और 100 मीटर रेस में उन्होंने कई प्रतियोगिताएं जीतीं। उनके परिवार में अधिकांश सेना में हैं, वे भी देश की सेवा करना चाहते थे और सेना में चयन हो गया। जम्मू कश्मीर सहित कई जगह पर तैनात रहे, जम्मू कश्मीर में वे बर्फ में फंस गए थे, इसके बाद से उनकी तबीयत बिगड गई। उनके निधन पर नवोदय विद्यालय एसोसिएशन ने शोक व्यक्त करते हुए उनके परिवार को दुख की घडी में हौसला दिया।
बेटा और बेटी का सपना भी सेना अधिकारी बनना
निशान सिंह की पत्नी रेखा देवी ने बताया कि 14 अप्रैल को अंतिम बार बात हुई थी, कहा था कि बेटा मनीष और बेटी पल्लवी को अच्छी तरह से पढाना है। उन्हें सेना में अधिकारी बनाना है।