आगरालीक्स…आगरा में नाइट कर्फ्यू के 72 घंटे: नहीं रुकी कोरोना की स्पीड, बढ़कर दोगुना हो गई. लेकिन व्यापार जरूर ठप हो गए. कोशिश करें तो इस तरह ब्रेक हो सकती है कोरोना की चेन…
सख्ती बरती पर नहीं रुकी कोरोना महामारी की स्पीड
आगरा में कोविड 19 महामारी की दूसरी लहर चल रही है. अप्रैल माह की शुरुआत से ही कोरोना के मामले आगरा में तेजी से बढ़ रहे हैं. शासन के आदेश के बाद से प्रशासन ने सख्ती बरतना भी शुरू कर दिया जिससे कि कोरोना का प्रसार न रुक सके. इसके लिए मास्क न लगाने वालों के चालान काटे गए. डीएम और एसएसपी द्वारा शहर के मुख्य बाजारों में निरीक्षण भी किया गया और दुकानदारों को मास्क लगाने के लिए प्रेरित किया. यही नहीं आगरा प्रशासन ने स्टिंग कर मास्क न लगाने वाले कई दुकानदारों के चालान भी काटे. लेकिन इसके बाद भी महामारी का प्रसार कम नहीं हुआ. ऐसे में शासन के आदेश के बाद से आगरा में नाइट कर्फ्यू की घोषणा 12 अप्रैल को कर दी गई. इस समय रात के नौ बजे से सुबह 6 बजे तक आगरा में नाइट कर्फ्यू लगा हुआ है.
नाइट कर्फ्यू के 72 घंटे बाद की स्थिति
आगरा में 12 अप्रैल को नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया जिससे कि लोग रात के समय बेवजह घर से बाहर न निकलें. नाइट कर्फ्यू का मुख्य कारण कोरोना की बढ़ती स्पीड को रोकना था लेकिन हालात इसके विपरीत निकले. आगरा में नाइट कर्फ्यू के बाद कोरोना की स्पीड पर कोई लगाम नहीं लग सकी, बल्कि कोरोना की स्पीड दोगुना तक बढ़ गई. 12 अप्रैल तक आगरा में सौ से अधिक कोरोना संक्रमित मिल रहे थे जो कि 15 अप्रैल को 295 तक मिलने लगे.
व्यापार हुआ ठप
आगरा में नाइट कर्फ्यू के कारण कोरोना की स्पीड तो नहीं रुकी लेकिन व्यापार जरूर ठप हो गए. खासकर वो व्यापार जो कि नाइट में ही चलते हैं. रेडीमेंड गारमेंट्स से लेकर स्ट्रीट फूड्स विक्रेताओं को इस समय मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. आगरा में नाइट कर्फ्यू के कारण पर्यटकों का आना आगरा में काफी कम हो गया. इसका सीधा असर पर्यटन से जुड़े सभी क्षेत्रों में हुआ. होटल रेस्टोरेंट रात को नौ बजते ही बंद हो जाते हैं. गुरुवार शाम से ताजमहल सहित आगरा फोर्ट और फतेहपुर सीकरी सहित सभी एएसआई स्मारकों को कोविड 19 के प्रसार के कारण बंद करने के आदेश दे दिए गए हैं. ऐसे में पर्यटन से जुड़े कारोबारियों को नुकसान ही पहुंचना है.
लोग खुद आगे आएं तो लग सकती है कोरोना की चेन पर ब्रेक
शासन और प्रशासन द्वारा कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं. लेकिन कोरोना की बढ़ती चेन को ब्रेक करने के लिए लोगों को खुद ही आगे आना होगा. उन्हें समझना होगा कि हम जितना हो सके बेवजह घर से बाहर न निकलें. अगर बाहर निकल रहे हैं तो मास्क का प्रयोग करें और घर पहुंचने के बाद हाथ धोना और सेनेटाइजेशन करना जारी रखें. लोगों ने पिछले साल लॉकडाउन के दौरान जिस आदत को अपनाया था उसी को अपनाना होगा. अगर लोग ऐसा करते हैं तो उम्मीद है कि कोरोना की चेन ब्रेक हो सकती है.