आगरालीक्स….आगरा से नोएडा के बीच 165 किलोमीटर के यमुना एक्सप्रेस पर हर रोज पांच दुर्घटनाएं, हर दूसरे दिन एक मौत हो रही है। इस साल छहमहीने में 94 की मौत हो चुकी है,ढाई साल में 400 जान गई हैं।
यमुना एक्सप्रेस वे के 165 किमी लंबे सफर में पिछले वषों में हुए आंकड़े डरावने हैं। हर वर्ष होने वाले हादसों में से करीब 23 फीसद हादसे ओवरस्पीड में झपकी और 12 फीसद हादसे टायर फटने के कारण होते हैं।
ढाई साल में 400 की मौत
ढाई साल में यमुना एक्सप्रेस-वे पर अब तक 400 से अधिक लोगों की जानें जा चुकी हैं,550 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
यमुना एक्सप्रेस-वे पर वर्ष 2017 में कुल 209 दुर्घटनाएं हुई थीं, जिनमें 164 लोगों की जानें गईं और 252 घायल हुए।
पिछले साल वर्ष 2018 में 149 दुर्घटनाओं में 124 लोगों की मौत हुई, जबकि 155 घायल हुए थे। 2019 जनवरी से 30 जून के बीच 94 दुर्घटनाएं दर्ज की गई थीं, जिनमें 94 लोगों की जानें गईं थीं और 120 लोग घायल हुए थे।
ये बरतें सावधानियां
एक्सप्रेस-वे पर चढ़ने से पहले टायर और उनके एयर प्रेशर की जांच करा लें। कई पेट्रोल पंप पर नाइट्रोजन भरने की व्यवस्था है। इसकी निर्धारित मात्र टायर में भरवा लें। इससे टायर फटने की संभावना कम होती है।
165 किमी के सफर में कम से कम तीन स्थानों पर पांच-पांच मिनट का ब्रेक लें।
नींद आने पर गाड़ी न चलाएं। किसी उचित स्थान पर रोककर आराम कर लें।