
पशुधन प्रसार अधिकारी बृजमोहन तिवारी मूल रूप से इटावा के रहने वाले थे।थाना पिनाहट के गांव भदरौली उनकी तैनाती थी, जिसके चलते वे गांव भदरौली में रह रहे थे। उनके साथ उनकी पत्नी और कभी कभी मां रहने के लिए आ जाती थीं, लेकिन इस समय वे अकेले ही घर पर रह रहे थे। घटना सोमवार तड़के तीन बजे के आसपास की है। लोगों ने गोली चलने की आवाज सुनी। गोली की आवाज सुनकर गांव में जगार फैल गई।
जब ग्रामीण खोजबीन करते हुए पशुधन प्रसार अधिकारी के घर की ओर पहुंचे, तो वहां उनके घर के दरवाजे खुले देखे। घर के अंदर प्रवेश करने पर देखा, कि बृजमोहन तिवारी का शव खून से लथपथ पड़ा हुआ है। घर के अंदर और आसपास कोई नहीं था। ग्रामीणों की सूचना पर थाना पिनाहट पुलिस मौके पर आ गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
थानाध्यक्ष पिनाहट सतेन्द्र सिंह राघव ने बताया कि हत्यारा कोई बेहद नजदीकी है। ग्रामीणों से पूछताछ में पता चला, कि बृजमोहन तिवारी शाम होते ही घर के दरवाजे बंद कर लिया करते थे, इसके बाद यदि कोई अपने पशु के लिए दवा लिखवाने के लिए आता था, तो वे घर का दरवाजा खोलने के बजाए, खिड़की से उसे दवा का पर्चा लिखकर दे दिया करते थे। यह घटना आधी रात के बाद की है। गेट खुला मिला है, यानि हत्यारे को बृजमोहन तिवारी जानते थे। इसलिए उन्होंने इतनी रात में दरवाजा खोल दिया।
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