आगरालीक्स..(Agra News 24th October).. डेंगू के बाद अब जीका वायरस का खतरा, केरल के बाद यूपी में जीका वायरस का पहला केस मिला, मच्छर से फैलता है जीका वायरस, जाने जीका वायरस के बारे में, कैसे बचें।
यूपी में डेंगू और वायरल बुखार के प्रकोप के बीच जीका वायरस का पहला केस मिला है। कानपुर के एयरफोर्स हॉस्पिटल में भर्ती 57 साल के वारंट अधिकारी के पुणे लैब में भेजे गए सैंपल की जांच में 23 अक्टूबर को जीका वायरस की पुष्टि हुई है। वारंट अधिकारी को चार पांच दिन से बुखार रहा था और शरीर पर चकत्ते थे, इसके बाद उनके सैंपल पुणे भेजे गए, वहां जीका वायरल की पुष्टि होने के बाद वारंट अधिकारी के संपर्क में आए लोगों की ट्रेसिंग की जा रही है। इनके भी सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे।

जीका वायरस का यूपी का पहला केस
जीका वायरस का प्रकोप केरल में देखने का मिल रहा है, यूपी में जीका वायरस का कोई केस नहीं मिला था। कानपुर के वारंट अधिकारी में जीका वायरस की पुष्टि हुई है, यह यूपी का पहला जीका वायरस का केस है।
डेंगू फैलाने वाले टाइगर मच्छर से ही पफैलता है जीका वायरस का संक्रमण
मादा एडीज एजिप्टी, जिसे टाइगर मच्छर कहते हैं, इससे डेंगू फैलता है, यह मच्छर स्वच्छ पानी में पनपता है और दिन में काटता है। इसी टाइगर मच्छर से जीका वायरस का संक्रमण फैलता है। इस समय डेंगू का प्रकोप है, जीका वायरस का केस मिलने से जीका वायरस के संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है।
जीका वायरस के लक्षण
बुखार आता है, शरीर पर चकत्ते पड़ जाते हैं
मांसपेशियों में दर्द होता है
आंखें लाल हो जाती हैं
ये है इलाज
डेंगू की तरह से जीका वायरस के लिए कोई दवा और वैक्सीन नहीं है। इसमें भी डेंगू की तरह लक्षण के आधार पर इलाज किया जाता है, बुखार के लिए पैरासीटामोल टैबलेट ही दी जाती है, स्टेरॉयड का इस्तेमाल घातक हो सकता है।