
आगरा के फतेहपुर सीकरी के गांव रोझोली निवासी कुंवरपाल सिंह पुत्र अनूप सिंह (27) पश्चिमपुरी सिकंदरा में किराए के मकान में रह रहे थे। उनकी इंश्योरेंस कंपनी है। पुलिस के अनुसार कुंवर पाल सिंह पर वर्ष 2013 में फर्रुखाबाद में 25 लाख की धोखाधडी का मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद उन्होंने अपने साथी निदेशकों पर थाना हरीपर्वत में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद से वे तनाव में चल रहे थे। सोमवार को पश्चिमपुरी स्थित घर में उन्होंने खुद को गोली मार ली। इस घटना से स्थानीय लोगों के होश उड गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचाया।
कंपनी पर ताला डालकर फरार हो गए थे निदेशक
कुंवरपाल ने 2009 में संजय प्लेस में एक इंश्योरेंस कंपनी ज्वाइन की थी। इस कंपनी में आगरा, फीरोजाबाद, मैनपुरी और फर्रुखाबाद के लोगों का पैसा जमा था। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी के निदेशक मदनमोहन सहित दो अन्य ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कुंवरपाल को भी निदेशक बना दिया।
इसके बाद कंपनी पर ताला डालकर फरार हो गए। 2013 में फर्रुखाबाद कोतवाली में मदन मोहन, कुंवरपाल सहित अन्य के खिलाफ 25 लाख की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया। इसमें कुंवरपाल दस माह के लिए जेल गया। जमानत पर रिहा होकर कुंवरपाल ने मदनमोहन पर थाना हरीपर्वत में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया।
इसमें आरोपी के खिलाफ चार्जशीट भी लग चुकी है। बेटे को झूठा फंसाया गया था। मुकदमा लड़ने में डेढ़ बीघा खेत बेचना पड़ा। एक साल पहले बेटे को कार दिलाई थी, जिसे किराये पर चलाकर वह गुजारा कर रहा था।
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