
मंगलवार को नई दिल्ली से सुबह 8:05 बजे गतिमान एक्सप्रेस आगरा के लिए रवाना हुई, आगरा कैंट स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर छह पर ट्रेन सुबह 9:55 पर पहुंची। यहां से गतिमान एक्सप्रेस 10:55 बजे वापस नई दिल्ली के लिए रवाना हुई । आगरा के रुनकता के पास मानव रहित क्रॉसिंग को पार करते समय आठ साल के अरविंद पुत्र महेश और 10 साल के योगेश पुत्र मुकेश निवासी जाउपुरा, सिकंदरा गतिमान एक्सप्रेस की चपेट में आ गए, उनकी मौत हो गई। गांव के लोग पहुंच गए।
एक घंटा खडी रही ट्रेन
गतिमान एक्सप्रेस के पेंटो तार टूट गया । ओएचई से जुड़ी पेंटो तार के टूटने से इलेक्टिक सप्लाई बाधित हो गई और ट्रेन जहां की तहां खड़ी हो गई । एक घंटे तक ट्रैक पर खड़ी रहने के बाद डीजल इंजन की मदद से ट्रेन को मथुरा स्टेशन पर लाया गया । यहां से अपराह्न 13:07 बजे गतिमान एक्सप्रेस को रवाना किया गया ।
सुरक्षा पर सवाल
गतिमान की सुरक्षा को लेकर पहले से ही सवाल उठाए जा रहे हैं । सेफ्टी कमिश्नर ने यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर ट्रैक के दोनों तरफ चारदीवारी अथवा फेंसिंग वायर कराने की हिदायत दे रखी है । लेकिन रेलवे बोर्ड के अधिकारी सुरक्षा मानकों को लेकर उदासीन बने हुए हैं । अधिकारियों का दावा था कि संवेदनशील इलाकों में फेंसिंग कार्य पूरा करा लिया गया है और गतिमान को चलाया जा सकता है । हादसे के बाद इन अधिकारियों के दावों की पोल खुल गई है । जिस स्थान पर हादसा हुआ है वह जंगल का इलाका है । सुरक्षा से जुड़े रेलवे अधिकारियों का मानना है कि गतिमान एक्सप्रेस 160 से 170 किलोमीटर की रफ्तार से चलेगी। ऐसी स्थिति में यदि ट्रेन के सामने भैंसा आदि जानवर आ जाएगा तो ट्रेन पलट भी सकती है ।
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