
कोठी में बाइक ले जाकर किया अपहरण
13 मार्च को जूता और कागज के कारखाने बंद थे। प्लानिंग के तहत बल्लू और समीर बाइक से कोठी के अंदर चले गए, दिव्य साइकिल चला रहा था। बल्लू ने दिव्य को गोदी में लिया और बाइक पर बैठ गया। बाइक से दिव्य को निर्मल हाइटस के रास्ते से होते हुए बोदला ले गए। वहां बोलेरो में मुवीन और नसीद था। उन्हें दिव्य दे दिया। शम्मी ने गाडी चलाई और पीछे की सीट पर दिव्य को लेकर नसीम बैठ गया।
मोबाइल नंबर नहीं था, नहीं मांग सके िफरौती
प्रतीक और लव कुमार का मोबाइल नंबर बदमाशों के पास नहीं था, यह नंबर इलाउल हक के पास था। लेकिन दिव्य के किडनैप होने के बाद पुलिस की सक्रियता को देख ईदाउल ने बदमाशों से संपर्क नहीं किया। इसके चलते वे िफरौती नहीं मांग सके।
झांसी में कमरे में रखा
दिव्य को कोठी से बाइक से किडनैप करने के बाद बोदला पर बोलेरों में बिठा दिया। यहां से उसे झांसी ले गए। वहां दिव्य को शम्मी के घर पर रखा गया। वह रोए नहीं इसके लिए उसे उसकी पसंद का खाना खिलाया गया, उसने लूडो खरीदने के लिए तो बदमाश लूडो खरीद कर लेकर आए।
पुलिस मुठभेड के बाद हुआ मुक्त, मुवीन गैंग ने किया किडनैप
ताजगंज दिगनेर नहर पर सीओ असीम चौधरी के नेत्रत्व में पुलिस की बदमाशों से मुठभेड हुई। पुलिस ने मुवीन, बब्बू पहलवान निवासी शमसाबाद, समीर निवासी पफीरोजाबाद और अज्जू निवासी आलमगंज को पकड लिया, उनके दो साथी पफरार हो गए। मुठभेड के बाद पुलिस ने दिव्य को मुक्त करा लिया।
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