
आगरा में 15 मार्च 2013 को डीईआई की लैब में नेहा शर्मा की हत्या कर दी गर्इ् थी, उनकी कार डीईआई के बाहर खेल गांव के पास मिली थी। पुलिस ने दुराचार के बाद हत्या मानते हुए चार्जशीट लगाई थी। इस मामले में बीएससी के छात्र उदय स्वरूप और लैब में कार्यरत यशवीर संधू को जेल भेज दिया गया था। इस मामले में हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। इसे सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया। सीबीआई ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर दुराचार के दौरान हत्या का मामला माना है, यह मामला कोर्ट में चल रहा है।
नेहा के पिता ने दिया प्रार्थना पत्र
नेहा शर्मा के पिता ने प्रार्थना पत्र दिया था, उन्होंने उदय स्वरूप के खुला घूमने पर आपत्ति जताई थी। इसमें कहा गया था कि दुराचार के प्रयास में जमानत हुई है, मामला साक्ष्य मिटाने और दुराचार का भी है। इसलिए उसे न्यायिक हिरासत में लिया जाना चाहिए।
चेहरा ढक कर पहुंचा उदय
सुनवाई के दौरान उदय स्वरूप कोर्ट में चेहरा ढक कर पहुंचा। अधिवक्ताओं ने कहा कि उदय को हाईकोर्ट से जमानत मिली है, ऐसे में उसे न्यायिक अभिरक्षा में लेने का कोई औचित्य नहीं है। उधर, वादी पक्ष के अधिवक्ताओं ने उदय को हिरासत में लेने पर बल दिया। उदय स्वरूप के परिजन और यशवीर संधु भी आया था, उनमें खलबली मची रही। कोर्ट में दोनों पक्षों से नजीर पेश करने के लिए कहा है। इस पर छह मई को सुनवाई होगी।
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